-हाल ही में गुर्जर समाज में बिना दहेज शादी के कई मामले आए सामने
-धीरे-धीरे ही सही दहेज से गुर्जर समाज बनाने लगा दूरी

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: शादियों में लिए जाने वाले दहेज की कोई सीमा नहीं है। गुर्जर समाज की शादियां अमूमन एक करोड़ रुपए से शुरू होती हैं और दस से बीस करोड़ रुपए तक जाती हैं। शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची के खिलाफ समाज के लोग आवाज बुलंद करने लगे हैं। धीरे-धीरे ही सही समाज के लोग दहेज से दूरी बनाने लगे हैं। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में गुर्जर समाज में बिना दहेज की शादी के कई मामले देखने को मिले हैं। मात्र 101 रुपए में शादी का नया व चर्चित मामला कोंडली गांव में देखने को मिला है। समाज के लोगों ने दूल्‍हा-दुल्‍हन को आशीर्वाद देने के साथ ही उनकी सोच को सराहा है। पिरोज भाटी के इस सराहनीय कार्य पर करप्शन फ्री इंडिया संगठन के मुख्य सलाहकार डॉ दीपक शर्मा के नेतृत्व में वर,वधू के दोनों पक्षों को दादरी विधायक तेजपाल नागर व संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय के द्वारा प्रतिक चिन्ह प्रशस्ति पत्र एवं अंग वस्त्र पहनकर सम्मानित किया।

डाक्‍टर हैं वर-वधू
नोएडा के कोंडली गांव निवासी पिरोज भाटी के पुत्र डॉ मोहित भाटी (MBBS) और राजस्थान के भिवाड़ी निवासी सतवीर विधूड़ी की पुत्री डॉ निशा बिधूड़ी (BDS,MDS) की शादी की सभी रस्में 101 रुपए में सम्पन्न हुई। जो दहेज प्रथा के खिलाफ एक अनोखी मिसाल है। शादी में बिना डीजे,हर्ष फायरिंग, शराब एवं अन्य दिखावे के बिना बेहद सादगी से विवाह हुआ। लोगों का कहना है कि इस तरह की शादियों से लड़की के परिवार पर पड़ने वाले अनावश्यक बोझ से छुटकारा मिल जाता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता। दूल्हा और दुल्हन दोनों उच्च शिक्षित हैं और समाज में एक अच्छा उदाहरण पेश किया है। डॉ मोहित भाटी और डॉ निशा की शादी भी इसी तरह की एक मिसाल है, जहां दोनों डॉक्टर हैं और उन्होंने दहेज प्रथा को ठुकराकर एक नए जीवन की शुरुआत की।