-मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की प्रक्रिया तेज
-टीमों को 7 दिन में पूरा करना होगा सर्वे
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के लिए ग्रेटर नोएडा में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) प्रत्सवित है। मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब 7 गांवों की जमीनों पर बनना है। जिसमें तिलपता करनवास, कठहेरा, पल्ला, बोड़ाकी, दादरी, रामगढ़ और पाली गांव शामिल हैं। परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए जिला प्रशासन ने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की प्रक्रिया तेज कर दी है। परियोजना से प्रभावित गांवों में सांख्यिकीय गणना (सर्वे) कराने के लिए 7 टीमों का गठन किया गया है। टीमों को 7 जनवरी तक सर्वे पूरा करना है। सर्वे का उद्देश्य परियोजना से प्रभावित परिवारों की गणना कर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना तैयार करना है।
प्रत्येक टीम में 3 कर्मचारी
मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना से ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलेगी। हजारों लोगों को रोजगार का नया अवसर मिलेगा। परियोजना से प्रभावित परिवारों के सदस्यों को भी रोजगार दिया जाएगा। प्रशासन ने हर गांव के लिए एक-एक टीम का गठन किया है। टीम में एक लेखपाल, एक संग्रह अमीन व एक सहायक कर्मचारी को रखा गया है। टीमों के द्वारा सर्वे किया जाएगा कि परियोजना से गांव में कितने परिवार प्रभावित हो रहे हैं, किस व्यक्ति के पास कितनी जमीन है, उसकी कितनी जमीन परियोजना में जाएगी, परिवार में कौन-कौन व्यक्ति नौकरी कर रहा है, परिवार में कितने बालिग व नाबालिग हैं, परिवार के पास आय का क्या साधन है आदि।
