द न्यूज गली, नोएडा : थाना फेस-1 पुलिस ने भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त गोपनीय इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी नोएडा के सेक्टर-1 स्थित एक निजी कंपनी के कार्यालय से प्रतिबंधित ऑनलाइन बेटिंग ऐप 1XBET का अवैध कॉल सेंटर संचालित कर रहा था।

पुलिस ने MIR PEGASIS CONNECT प्राइवेट लिमिटेड के सेक्टर-1 स्थित द्वितीय तल पर छापा मारकर आरोपी अनूप श्रेष्ठ को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 1 सर्वर, 4 कंप्यूटर सीपीयू, 3 राउटर, 10 पीएनटी फोन, अंग्रेजी-रूसी भाषा का की-बोर्ड और 01 सैमसंग एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

टेक सपोर्ट के नाम पर ठगी
पुलिस के अनुसार आरोपी और उसके सहयोगी भारत में प्रतिबंधित 1XBET ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए भारतीय नागरिकों को जुए के लिए प्रेरित करते थे। कॉल सेंटर के माध्यम से ग्राहकों को टेक्निकल सपोर्ट देने के बहाने उनके पैसे डिपॉजिट और विड्रॉल कराए जाते थे। यह रकम वेबसाइट पर दर्शाए गए म्यूल खातों में जमा कराई जाती थी, जिसे बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए घुमाकर अपने खातों में पहुंचाया जाता था। इससे सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा था।

i4C की मदद से हुआ खुलासा
1XBET से संबंधित एक मामला जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर साइबर थाने में दर्ज हुआ था, जिसकी जानकारी i4C के माध्यम से नोएडा पुलिस को मिली। टेक्नो-लीगल सहायता से कॉल सेंटर को ट्रेस कर थाना फेस-1 पुलिस ने यह कार्रवाई की।

थर्ड पार्टी APK से चलता था ऐप
पुलिस ने बताया कि 1XBET कोई वेरिफाइड ऐप नहीं है, बल्कि थर्ड पार्टी APK फाइल के जरिए ब्राउजर से डाउनलोड किया जाता है। कंपनी PT Fable Technology Nusantara के साथ एग्रीमेंट की आड़ में भारत में प्रतिबंधित बेटिंग गतिविधियों को टेक सपोर्ट के नाम पर प्रमोट किया जा रहा था। बरामद सर्वर में ठगी से संबंधित अहम डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। देश के विभिन्न राज्यों में 1XBET से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं।

रूस से भारत तक का नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी मई 2022 में नेपाल से दिल्ली आया और बाद में रूस के मास्को गया, जहां उसने करीब ढाई साल तक 1XBET कंपनी में काम किया। जून 2025 में भारत लौटने के बाद उसे दिल्ली में कंपनी के नेटवर्क को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी।