-थाना फेज-1 और साइबर क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा फर्जी काल सेंटर
-ठगों के खाते में फ्रीज किए गए 10 लाख रुपए

द न्‍यूज गली, नोएडा: थाना फेज-1 और साइबर क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सेक्टर-6 के एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा। मौके से पुलिस ने 5 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान मास्टरमाइंड दुर्गेश के साथ ही सोनू, पुनीत, अमन और आलोक के रूप में हुई है। आरोपियों के द्वारा स्‍वयं को भारत सरकार के श्रम विभाग से जुड़ा बताकर बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी जाती थी। पुलिस को विभिन्‍न प्रदेशों से 25 से अधिक शिकायत प्राप्‍त हो चुकी थी। पुलिस ने आरोपितों के बैंक खाते को फ्रीज किया है। जिसमें लगभग 10 लाख रुपए हैं। 

रजिस्‍ट्रेशन के नाम पर लेते थे पैसा
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि यह गैंग बेरोजगार युवाओं को कॉल कर नामी मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने का लालच देता था। पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए इनके द्वारा मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट की फर्जी आईडी और फर्जी मोहरों का प्रयोग किया जाता था। जांच में सामने आया है कि ठगों के द्वारा हर आवेदक से रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्कों के नाम पर 2,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक लिए जाते थे। पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपितों के द्वारा अब तक सैकड़ों लोगों के साथ ठगी की चुकी है। पुलिस ने इनके 5 बैंक खातों को चिन्हित कर उनमें जमा 10 लाख रुपये की धनराशि को फ्रीज करा दिया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी मोहरें, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड और चेकबुक बरामद की है।