-एकीकृत जागरूकता कार्यशाला में IEA प्रतिनिधियों ने रखी विभिन्न मांग
-उद्योगों के लिए अधिक फ्लोर (मंज़िलें) बनाने की मांग
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के सशक्तिकरण एवं समग्र विकास के उद्देश्य से RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के अंतर्गत एकीकृत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन होटल रेडिसन ब्लू में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, निर्यात अवसरों, वित्तीय सहायता, डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा गुणवत्ता एवं प्रमाणन प्रणालियों के संबंध में व्यापक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि, लघु उद्योग भारती, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA), हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्यातक कल्याण संघ, इंडियन एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन सहित विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में एमएसएमई उद्यमियों ने सक्रिय सहभागिता की।
उद्यमियों के द्वारा विभिन्न मांगे भी की गई।
अपर मुख्य सचिव को ज्ञापन
कार्यक्रम में IEA प्रतिनिधि मंडल ने MSME की विभिन्न समस्याओं व मांगों का एक ज्ञापन अपर मुख्य सचिव MSME आलोक कुमार को सौंपा। मांग की कि विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में ई-ऑक्शन प्रणाली पर रोक लगाई जाए। कहा कि कम से कम 2000 मीटर तक के औधोगिक भूखंडों को नीलामी प्रक्रिया से बाहर कर ड्रा द्वारा आवंटन किया जाय। कहा बहुत से उद्यमी लंबे समय से सरकार को कर एवं जनता को रोजगार देकर भी अपना उद्योग किराए पर चलाने को मजबूर है। ऐसे में उन्हें औद्योगिक भूखंड आवंटन में वरीयता प्रदान की जाए। हल्के इंजीनियरिंग, असेम्बलिंग एवं हल्के कार्य करने वाले उद्योगों के लिए अधिक फ्लोर (मंज़िलें) बनाने की अनुमति प्रदान की जाए। उद्योगों में आग की घटनाओं पर तत्काल काबू पाने के लिए फायर विभाग में नवीनतम तकनीक एवं आधुनिक उपकरणों को शामिल किया जाए। मांग की कि वर्तमान में एलटी कनेक्शन की सीमा 50 किलोवाट है, जिसे बढ़ाकर 100 किलोवाट किया जाए। विभिन्न औद्योगिक प्राधिकरणों में पुराने एवं विवादित मामलों के निस्तारण हेतु वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू की जाए। जीएसटी जमा करने वाले डीलरों के लिए, उनके द्वारा जमा किए गए जीएसटी के अनुपात में जीवन बीमा योजना लागू की जाए, जिससे व्यापारियों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। अपर मुख्य सचिव ने समस्याओं के त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में संस्था के अध्यक्ष संजीव शर्मा, संस्थापक अध्यक्ष पीके तिवारी, उपाध्यक्ष पीएस मुखर्जी, प्रमोद झा, महिपाल सिंह, विवेक चौहान, सूर्यकांत तोमर, गौरव गुप्ता एवं मधुकर सहाय उपस्थित थे।
