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द न्यूज गली, नोएडा : नोएडा के सेक्टर-137 स्थित लॉजिक्स ब्लॉसम काउंटी सोसाइटी में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. के खिलाफ शुरू की गई कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया (CIRP) को रद्द कर दिया है। इस फैसले के साथ ही अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) द्वारा की गई सभी कार्रवाइयों को शून्य और अमान्य घोषित कर दिया गया है।
पूर्व प्रबंधन को मिला नियंत्रण
एनसीएलटी ने अपने आदेश में लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के पूर्व प्रबंधन और निलंबित निदेशकों को कंपनी का पूरा नियंत्रण वापस करने का निर्देश दिया है। इस फैसले से सोसाइटी के हजारों फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।
वित्तीय लेनदार पर 5 लाख का जुर्माना
न्यायाधिकरण ने वित्तीय लेनदार एक्सपर्ट्स रियलिटी प्रोफेशनल्स प्रा. लि. को सीआईआरपी प्रक्रिया की लागत और शुल्क वहन करने का आदेश दिया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर भुगतान करना होगा। साथ ही, कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसे 10 दिनों के भीतर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में जमा करना होगा।
घोटाले का हुआ पर्दाफाश
लॉजिक्स ब्लॉसम काउंटी सोसाइटी के अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (AOA) के अध्यक्ष मनोज प्रसाद ने बताया कि यह फैसला घर खरीदारों के हित में एक बड़ी जीत है। उन्होंने बताया कि एक्सपर्ट्स रियलिटी प्रोफेशनल्स प्रा. लि. ने खुद को वित्तीय लेनदार बताते हुए एनसीएलटी में याचिका दायर की थी। लेकिन जांच में पता चला कि लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपर्ट्स रियलिटी प्रोफेशनल्स के निदेशक आपस में जुड़े हुए हैं। इससे हितों के टकराव का मामला सामने आया और एनसीएलटी ने सीआईआरपी प्रक्रिया को खारिज कर दिया।
अब भी परेशान हैं हजारों खरीदार
लॉजिक्स ब्लॉसम काउंटी में 17 टावरों में 2,381 फ्लैट हैं, लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने केवल 10 टावरों को ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी किया है। शेष 7 टावरों को अब तक मान्यता नहीं मिली है, फिर भी बिल्डर ने इन टावरों में अवैध कब्जा दे दिया। नोएडा प्राधिकरण की उदासीनता के चलते 400 करोड़ रुपये का बकाया होने के कारण पूरी सोसाइटी में सबलीज डीड निष्पादन रोक दिया गया है। हजारों फ्लैट खरीदार अभी भी अपने मालिकाना हक का इंतजार कर रहे हैं।