-विदेशी नागरिकों को हैकिंग एवं डाटा चोरी का भर दिखा करते थे ठगी
-इंटरनेट पर पेड विज्ञापन चलाकर करते थे ठगी

द न्‍यूज गली, नोएडा: थाना साइबर क्राइम पुलिस ने इंटरनेट पर विज्ञापन चलाकर ऑनलाइन डायलर के माध्यम से विदेशी नागरिकों के साथ ठगी करने वाले 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के द्वारा फर्जी कॉल सेंटर का संचालन भी किया जा रहा था। अपराधियों के द्वारा हैकिंग एवं डाटा चोरी का भय दिखाकर साइबर धोखाधड़ी की जाती थी। पुलिस ने आरोपितों के पास से 04 लैपटॉप, 15 डेस्कटॉप, 15 मॉनिटर, 16 मोबाइल फोन, 16 माइक-हेडफोन सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विवेक, गौरव, अभिषेक, अश्‍वनी, गौरव, रोहन, संत कुमार, उपेंद्र सिंह, अंकुश, आयुष, सुदीप, अनुपम, अभिषेक, शिवम, प्रदीप व वरुण के रूप में हुई है।

विदेशी नागरिकों को फंसाते थे जाल में
अभियुक्‍तों ने पुलिस को बताया कि इंटरनेट एवं विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेड विज्ञापन चलाकर विदेशी नागरिकों को आकर्षित करते थे। इन विज्ञापनों में टोल-फ्री नंबर प्रदर्शित किए जाते थे, जिन पर कॉल करने के लिए विदेशी नागरिकों को प्रेरित किया जाता था। विज्ञापन देखने के पश्चात जैसे ही विदेशी नागरिक उक्त नंबरों पर कॉल करते थे, कॉल अभियुक्तगण के लैपटॉप में इंस्टॉल कॉलिंग सॉफ्टवेयर पर प्राप्त होती थी, जिसमें टोल-फ्री नंबर पूर्व से ही कॉन्फ़िगर किए गए थे। कॉल प्राप्त होने पर अभियुक्तगण स्वयं को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताकर विदेशी नागरिकों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनका कंप्यूटर अथवा डिवाइस हैक हो गया है। इसके उपरांत वे स्क्रीन-शेयरिंग एप्लीकेशन के माध्यम से पीड़ित के सिस्टम तक पहुंच प्राप्त कर लेते थे तथा उसकी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। वास्तविक हैकिंग का भय उत्पन्न करने हेतु वे कंप्यूटर स्क्रीन को ब्लैक कर देते थे, जिससे पीड़ित उनकी बातों में आ जाते थे। इसके पश्चात अभियुक्तगण प्राप्त बैंकिंग क्रेडेंशियल्स के माध्यम से पीड़ित के खाते में उपलब्ध धनराशि का आकलन करते थे। यदि खाते में कम धनराशि होती थी, तो वे 100 से 500 डॉलर तक की रकम वसूलते थे। वहीं, यदि खाते में अधिक धनराशि पाई जाती थी, तो कॉल को अपने सीनियर सहयोगियों के पास ट्रांसफर कर दिया जाता था, जो उसी कॉलिंग सॉफ्टवेयर से जुड़े रहते थे और आगे की धोखाधड़ी की प्रक्रिया संचालित करते थे।