-डीएम मेधा रूपम ने लिफ्ट रजिस्ट्रेशन के संबंध में की बैठक
-जिले में लगी सभी लिफ्ट की सूची 2 दिन में देने का निर्देश

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: लिफ्ट एक्‍ट लागू हुए लंबे वक्‍त बीत चुका है लेकिन नियमों के पालन को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम के संबंध में आयोजित बैठक में डीएम मेधा रूपम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिया। उन्‍होंने सोसायटी, हॉस्पिटल, स्कूल, होटल, औद्योगिक भवनों में स्थापित लिफ्टों का रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है। साथ ही जनपद में स्थापित सभी लिफ्टों की सूची दो दिन में जिलाधिकारी कार्यालय एवं सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। बैठक में सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा, समस्त लिफ्ट मैनुफैक्चरिंग कंपनी, लिफ्ट सर्विस प्रोवाइडर के तकनीकी प्रतिनिधि और जनपद की सोसायटियों के अध्यक्ष व सचिव उपस्थित थे।

ब्‍लैकलिस्‍ट की चेतावनी
डीएम ने कहा कि सोसायटी, हॉस्पिटल, स्कूल, होटल, औद्योगिक भवनों के प्रतिनिधियों से संपर्क कर लिफ्ट का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र और एएमसी विवरण सुनिश्चित करें। रजिस्ट्रेशन न कराने वाले संस्थानों की जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय और विद्युत सुरक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कुछ सोसायटियों और उद्योगों द्वारा रजिस्ट्रेशन/ एएमसी शुल्क अत्यधिक बढ़ाया गया है,  सभी लिफ्ट निर्माता फर्मों को निर्देशित किया गया कि शुल्क नियमानुसार ही रखा जाए। डीएम ने निर्देशित किया कि किसी भी लिफ्ट निर्माता कंपनी या एएमसी प्रोवाइडर द्वारा लिफ्ट के रख-रखाव, संचालन या रजिस्ट्रेशन में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। साथ ही, लिफ्ट रजिस्ट्रेशन में विलंब या लापरवाही करने वाले फर्मों के खिलाफ उ०प्र० लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम 2024 एवं नियमावली 2024 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा रमेश कुमार सहित अन्‍य लोग मौजूद थे।