-नियम का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की कही बात
-प्रवेश में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होगी बर्दाश्त
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का निजी विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराए जाने के उद्देश्य से डीएम मेधा रूपम ने शिक्षा विभाग अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने स्पष्ट किया कि योजना की सफलता सटीक एवं निष्पक्ष सत्यापन पर निर्भर करती है। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी उप जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित कराएं कि लेखपालों द्वारा स्थलीय जांच कर ही आय प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। गलत या फर्जी आय प्रमाण पत्र जारी करने वाले लेखपालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, निलंबन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही हो। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन का रैंडम सैंपल सत्यापन कराया जाए और संदेहास्पद मामलों में पुनः जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। निर्देश दिया कि योजना में पात्र सभी बच्चों का स्कूलों में शत प्रतिशत प्रवेश कराया जाए।
कोई न हो वंचित
डीएम ने कहा कि यह योजना समान शिक्षा के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक भी पात्र बच्चा योजना से वंचित न रहने पाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध एवं जवाबदेही के साथ पूर्ण कराया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। विद्यालय स्तर पर किसी भी प्रकार की अनियमितता, भेदभाव या अतिरिक्त शुल्क की मांग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई विद्यालय शासन के निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न कराई जाएगी। पहला चरण 2 से 16 फरवरी, दूसरा चरण 21 फरवरी से 7 मार्च व तीसरा चरण 12 से 25 मार्च तक होगा। योजना के अंतर्गत चयनित बच्चों को कक्षा 8 तक नि:शुल्क शिक्षा, किताबें एवं यूनिफॉर्म की क्रय हेतु 5000 प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। योजना की अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी अथवा हेल्पलाइन नंबर 8826478500, 8700125169, 9540338191, 7011311768, 9990203949 पर संपर्क किया जा सकता है।
