द न्‍यूज गली, कानपुर:आज के दौर में जब आदमी येन-केन-प्रकारेण धन-संपदा के संग्रहण में जुटा है, जमीन के एक टुकड़े के लिए किसी भी हद तक गिर जा रहा है। वहीं कानपुर घाटमपुर तहसील क्षेत्र में सजेती थाने के टिकवांपुर निवासी बुजुर्ग रवींद्र मिश्र विपिन ने एक नायाब मिसाल प्रस्तुत की है। उन्होंने अपना नवनिर्मित विशाल आवास महिला स्वास्थ्य केंद्र एवं प्रसूति गृह के निमित्त सरकार को देने का निर्णय किया है। इस बारे में उन्होंने जिला अधिकारी से मिलकर उन्हें पत्र सौंपकर कहा है कि महिला स्वास्थ्य केंद्र सुदूर होने के कारण लगभग दर्जन भर से ज्यादा महिलाएं समय से चिकित्सा सुविधा न मिलने से काल के गाल में समा जाती हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि इस चिकित्सालय का नामकरण महाकवि भूषण के नाम पर करना सर्वथा उचित होगा। इससे महाकवि भूषण की स्मृति को अक्षुण बनाये रखने में मदद मिलेगी। महाकवि भूषण का जन्म टिकवांपुर में हुआ था। फिलहाल सांसद द्वारा गोद लेने के पश्चात महाकवि की आवक्ष प्रतिमा गांव में लगी है। इसके अतिरिक्त कोई ऐसा स्मारक अथवा स्थान नहीं जिससे यह गर्व हो सके कि महाकवि यहीं जन्में थे।

डीएम ने तलब की रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने रवींद्र मिश्र विपिन की इस उदारता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से तत्काल रिपोर्ट तलब कर ली है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस भवन में महिला चिकित्सा केंद्र एवं आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। रवींद्र मिश्र विपिन ने बताया कि वह जल्दी ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर महिला चिकित्सा एवं प्रसूति केंद्र के उद्घाटन के लिए आमंत्रित करने जा रहे हैं। उन्होंने अफसोस जाहिर किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज के इस अमर गायक की महाराष्ट्र सरकार ने सुध लेने की कोई जरूरत नहीं समझी। जबकि महाकवि द्वारा रचित शिवा बावनी का जगह-जगह पाठ करना वहां बेहद प्रतिष्ठापरक माना जाता है। रवींद्र मिश्र विपिन के अनुसार इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी आमंत्रित कर वहां सतारा जिले के संग्रहालय में रखी महाकवि से जुड़ी सामग्री एवं साहित्य को यहां लाकर एक बड़ा अध्ययन केंद्र खोलने का आग्रह करेंगे। जिलाधिकारी के अनुसार टिकवांपुर में जिला स्तरीय पुस्तकालय भी महाकवि भूषण के नाम पर स्थापित किए जाने के लिए भी कार्य शुरू हो गया है।