-आपदा प्रबंधन, कोल्ड वेव व सिटी हीट वेव एक्शन प्लान पर हुई अहम बैठक
-अधिकारियों ने नहीं दी अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: हाल ही में पानी में डूब कर इंजीनियर की मौत के बाद भी आपदा प्रबंधन, कोल्ड वेव व सिटी हीट वेव एक्शन प्लान को लेकर कई विभागों के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। डीएम मेधा रूपम ने संबंधित मामलों को लेकर महत्‍वपूर्ण बैठक ली, जिसमें तीनों विकास प्राधिकरणों से वरिष्ठ अधिकारी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अथवा विशेष कार्याधिकारी की उपस्थिति नहीं हुए। डीएम मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुपस्थिति पर कड़े निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पिछली माह की आयोजित बैठक की अनुपालन आख्या लिखित रूप में जल्‍द अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायेंगे, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। यह भी निर्देश दिए कि संबंधित प्राधिकरणों एवं अन्‍य विभाग को इस आशय का पत्र प्रेषित किया जाए कि आगामी बैठक में संबंधित विभागाध्यक्षों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

नहीं दी रिपोर्ट
डीएम ने आपदा की अवधारणा से अवगत कराते हुए बताया कि आपदा प्राकृतिक अथवा मानवकृत कारणों, दुर्घटना या उपेक्षा से उत्पन्न ऐसी गंभीर घटना होती है, जिससे जीवन, संपत्ति, पर्यावरण एवं आजीविका को व्यापक क्षति पहुंचती है तथा जिसका सामना समुदाय अपने सीमित संसाधनों से नहीं कर पाता। कहा कि गौतमबुद्धनगर एक औद्योगिक जनपद है, जहां बड़ी संख्या में बाहरी श्रमिक कार्यरत हैं। ऐसे में पर्याप्त रैन बसेरे, अलाव, स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, प्रकाश एवं उचित तापमान की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। नगर निकायों, विकास प्राधिकरणों, ग्राम विकास विभाग एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से रात्रि भ्रमण टीमें गठित कर खुले में सो रहे व्यक्तियों को रैन बसेरों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देशित किया गया कि जनपद की समस्त बहुमंजिला इमारतों की अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप जांच कराई जाए तथा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। डीएम ने रोड सेफ्टी के क्रम में सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, डिवाइडर सुधार, रोड मार्किंग, जेब्रा क्रासिंग, गतिरोधक, रेडियम रिफ्लेक्टर, प्रकाश बिंदुओं की मरम्मत तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षात्मक उपाय तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए। सभी वाहनों पर चेतावनी रेडियम स्टीकर लगाए जाने तथा जन जागरूकता पर विशेष बल देने को कहा गया। नवंबर से पेंडिंग 152 हॉट स्पॉट व 35 ब्लैक स्पॉट पर हुई बचाव करवाई की रिपोर्ट अथॉरिटियों द्वारा अभी तक नहीं दिए जाने को अंतिम अवसर दिया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, डिप्टी कलेक्टर चारुल यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी टीकम सिंह, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक दीपा भाटी, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी सहित अन्‍य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।