द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (AIMT) में विकसित भारत 2047, इकोनॉमिक कॉम्पिटिटिवनेस, जियो-पॉलिटिक्स, सिक्योरिटी प्रायोरिटीज और ह्यूमन कैपिटल विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रक्षा और शिक्षा जगत की दिग्गज हस्तियों ने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप पर चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ मेजर जनरल (डॉ.) राजेंद्र बाणा (सेवानिवृत्त), डायरेक्टर AIMT, के वेलकम एड्रेस से हुआ। उन्होंने सेमिनार की थीम का परिचय देते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया और कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।मेजर जनरल पी. आर. मुरली, वीएसएम (सेवानिवृत्त), एमडी, AWES ने अपने इनॉग्यूरल ऐड्रेस में विकसित भारत के निर्माण के लिए एक होलिस्टिक और इंटीग्रेटेड अप्रोच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने में एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

बढ़ रही साख
मेजर जनरल (डॉ.) राजन कोचर, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने जियो-पॉलिटिक्स–ग्लोबल पार्टनरशिप्स और स्ट्रैटेजिक इन्फ्लुएंस विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती साख और रणनीतिक संबंधों के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। ब्रिगेडियर (डॉ.) अशोक कुमार पाठक (सेवानिवृत्त) ने जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन: सुदर्शन चक्र कॉन्सेप्ट” विषय पर प्रकाश डालते हुए भारतीय नौसेना की रणनीतिक प्रासंगिकता और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. चरण सिंह, चीफ एग्जीक्यूटिव, ईग्रो फाउंडेशन ने विकसित भारत 2047 और कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पॉलिसीज विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक नीतियां देश की जीडीपी ग्रोथ और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। प्रो. (डॉ.) कपिल पांडला, निदेशक, पीएम एसएलडी बिजनेस स्कूल ने ह्यूमन कैपिटल एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट विषय पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं का कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित भारत की असली ताकत है।