-रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम
-बायोएनर्जी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की अपार संभावनाएं
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: स्वच्छ ऊर्जा, बायोएनर्जी, निवेश और नवाचार को नई गति देने वाले इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो (IBET Expo)-का इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों एवं प्रतिभागियों को बताया कि उत्तर प्रदेश बायोएनर्जी के क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी राज्य बन गया है। कहा कि आज उत्तर प्रदेश कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है, CBG प्रोडक्शन में भी प्रदेश प्रथम स्थान पर है और रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। ऊर्जा मंत्री ने देश-विदेश के सभी निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स का उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आह्वान करते हुए कहा कि आप आइए और उत्तर प्रदेश में कहीं भी अपने प्लांट लगाइए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। सुरक्षित, शांतिपूर्ण और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद डेस्टिनेशन बनकर उभरा है।

बायोएनर्जी में अपार संभावना
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बायोएनर्जी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था, गन्ना उत्पादन, कृषि अवशेष, जैविक अपशिष्ट और नगरीय ठोस कचरा बायोएनर्जी उत्पादन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराते हैं। इन संसाधनों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपयोग कर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ किसानों, युवाओं और उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ, हरित और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के बायोएनर्जी ट्रांज़िशन में एक प्रमुख शक्ति के रूप में तेज़ी से उभर रहा है। इसके पीछे राज्य के विशाल कृषि संसाधन, बढ़ता CBG इकोसिस्टम और मज़बूत पॉलिसी सपोर्ट है। बायोएनर्जी, कृषि और शहरी कचरे को ऊर्जा में बदलने, ग्रामीण रोज़गार पैदा करने और किसानों की आय बढ़ाने का एक बड़ा अवसर है। उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा और ऊर्जा के अतिरिक्त स्रोतों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के चेयरमैन, डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की बायो-एनर्जी राजधानी के रूप में उभरा है। देश के 30 प्रतिशत से ज्यादा CBG प्लांट इसी राज्य में हैं और यह देश का दूसरा सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादक राज्य है। हमारी वेस्ट टू वेल्थ (कचरे से कमाई) पहल का मकसद राज्य में मौजूद भारी मात्रा में बायोमास को ऊर्जा, मूल्य और किसानों के लिए टिकाऊ आजीविका में बदलना है।
मिल रहा रोजगार का अवसर
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के महानिदेशक संजय गंजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारत के सबसे महत्वपूर्ण बायो-एनर्जी निवेश स्थलों में से एक के रूप में उभरने के लिए ज़रूरी पैमाना, कृषि आधार और नीतिगत महत्वाकांक्षा मौजूद है। राज्य के प्रचुर बायोमास संसाधन नए उद्योग स्थापित करने के साथ-साथ किसानों के लिए मूल्य सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोज़गार पैदा करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि बायो-एनर्जी विकास के अगले चरण में निवेश, तकनीक, उद्योग और कुशल कार्यबल को एक साथ लाकर व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य और टिकाऊ इकोसिस्टम बनाना होगा। IBET 2026 उद्योग और निवेशकों के लिए सरकार के साथ जुड़ने, उत्तर प्रदेश में अवसरों का पता लगाने और एक मज़बूत बायो-एनर्जी अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान देने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। ऐसी अर्थव्यवस्था जो नौकरियां पैदा करे, किसानों की आय बढ़ाए और भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाए।



