द न्यूज गली, नोएडा : थाना फेस-2 और स्वाट टीम ने नोएडा में एक बड़े वाहन धोखाधड़ी रैकेट का खुलासा किया है। यह गिरोह फर्जी आईडी और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंकों से लग्जरी गाड़ियां फाइनेंस करवाकर करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहा था। पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों अमित गुप्ता, अनुराग उर्फ अमित और नवीन भावरी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह गैंग बेहद पेशेवर था। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी बनाकर बैंकों से लग्जरी गाड़ियां फाइनेंस करवाई। गाड़ी प्राप्त होने के बाद, वे किसी भी किस्त का भुगतान नहीं करते थे। इसके बजाय, इन्हें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में कम कीमतों पर बेच दिया जाता था।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा, शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि रैकेट के सदस्य अक्सर गाड़ियों के आरसी से ‘हाइपोथैकेशन’ हटाकर वही गाड़ी पर दोबारा लोन लेने का भी प्रयास करते थे। इसके अलावा, ग्राहक को झूठे एनओसी का भरोसा देकर चोरी की गाड़ियां भी बेच दी जाती थीं।
28 आधार कार्ड बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से थार, ग्रांड विटारा, किया सेल्टॉस, महिंद्रा स्कॉर्पियो और अर्बन क्रूजर टेजर जैसी गाड़ियां, 28 आधार कार्ड, पैन कार्ड, आर0सी0 और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए हैं। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि गैंग ने अब तक कितनी गाड़ियों पर फर्जी लोन लेकर बैंकों को चपत लगाई है।
डीसीपी अवस्थी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी वाहन या लोन के लेन-देन में हमेशा दस्तावेज़ की सत्यता जांचें।
