-सेक्‍टरों में दूषित पानी पीने से लगातार बीमार हो रहे थे लोग
-लगातार 4 दिनों तक चलेगा पानी की जांच का अभियान

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: सेक्‍टरों में दूषित पानी पीने से लोगों के लगातार बीमार होने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने पानी, सीवर व ड्रेन की रैंडम जांच शुरू करा दी है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर वर्क सर्किल वाइज 8 टीमें बनाकर जांच शुरू करा दी है। लगातार चार दिन तक यह अभियान चलेगा। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण ने श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च लैब की भी दो टीमें तैनात की हैं। लैब की तरफ से रैंडम जांच शुरू कर दी गई है। टीम ने पहले दिन 20 से अधिक जगहों पर जांच की है। टीम पानी की जांच के लिए अपने साथ जांच उपकरण जैसे टीडीएस मीटर, पीएच व क्लोरीन किट साथ लेकर जा रही है। अभी तक की जांच में टीम को सप्लाई के पानी में सभी चीज  मानकों के अनुरूप ही मिली है।

सीईओ का निर्देश
दूषित जलापूर्ति की सप्लाई की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने पूरे शहर में पानी के साथ ही सीवर व ड्रेन के कनेक्शन प्वाइंट, लाइनों में लीकेज, सीवर चोक व ओवरफ्लो और आदि की रैंडम जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इस पर तत्काल अमल करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जल-सीवर विभाग के  सभी प्रबंधकों और सहायक प्रबंधकों की 8 टीमें बनाकर जांच शुरू करा दी गई है। टीम ने सेक्टर-1, दो, 4, 16, 16बी, नॉलेज पार्क-3, इरोज संपूर्णनम सोसाइटी, ऐस सिटी, पंचशील हाइनिश आदि जगहों पर जांच की। इसके अतिरिक्त श्रीराम लैब की टीम ने डेल्टा वन के डी ब्लॉक, डेल्टा थ्री के एफ ब्लॉक, अल्फा वन के डी ब्लॉक, बीटा टू के एफ ब्लॉक, गामा वन, ईटा वन,  थीटा, चाई फोर आदि जगहों पर यूजीआर, पंपिंग स्टेशन आदि से सैंपल लिए हैं। प्राधिकरण ने श्रीराम लैब की टीम से रिपोर्ट शीघ्र देने को कहा है। हालांकि लैब की तरफ से 10 से 12 दिनों में जांच प्रक्रिया पूरी होने की बात कही गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा है कि प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा एरिया में स्वच्छ जलापूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। अगर किसी एरिया में दूषित पानी के सप्लाई होने की जानकारी प्राप्त होती है तो इसकी सूचना प्राधिकरण के जल विभाग को दें। संपर्क के लिए वरिष्ठ प्रबंधक जल (9205691408) और प्रबंधक जल (8937024017) के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं।