-सोसायटी के लोग बिल्डर को दे चुके थे पूरा पैसा
-आदेश के बाद अन्य सोसायटी में भी रजिस्ट्री का रास्ता हो सकता है साफ
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: लंबे इंतजार के बाद देविका गोल्ड होम्स सोसायटी के लोगों को खुशी मिली है। सोसाइटी निवासी दीपक दूबे के नेतृत्व में निवासियों ने रजिस्ट्री कराने की याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लगाई थी। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने तीन माह में रजिस्ट्री कराने का निर्देश दिया है। न्यायालय के आदेश पर सोसायटी के लोगों ने खुशी जताई है। आदेश से उन सोसायटी के लोगों को भी राहत मिली है जिनकी रजिस्ट्री नहीं हो रही है। सोसायटी के लोगों व नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने फैसले को ऐतिहासिक बताया है। उनका कहना है यह फैसला हजारों फ्लैट बायर्स के लिए नजीर होगा जो अपनी सोसाइटी में रजिस्ट्री के मालिकाना हक और मूलभूत सुविधाओं के लिए लड़ रहे हैं।
यह था मामला
सोसायटी निवासी दीपक दूबे व अन्य का कहना है कि हम लोग बिल्डर को पूरा पैसा दे चुके हैं। सोसायटी में रहते हुए भी लगभग 6 वर्ष बीत चुके हैं। प्राधिकरण और बिल्डर को कई पत्र लिखे गए लेकिन आज तक नक्शे और ब्रोसर के अनुसार हम सबको सभी सुविधाएं प्राप्त नहीं हुईं ना ही रजिस्ट्री हो रही है। यदि बिल्डर प्राधिकरण को पैसा नहीं दे रहा तो इसमें खरीददारों का क्या दोष? इस तरह के प्राधिकरण और बिल्डर के नेक्सस में गौतम बुद्ध नगर में सैकड़ों सोसाइटी के लाखों बायर फंसे हुए है और रजिस्ट्री की राह देख रहे हैं। ऐसे में उच्च न्यायालय का यह फैसला हम सभी के लिए बहुत ही संतोष एवं उत्साह देने वाला है।
