-आरोपितों के नाइजीरिया व साउथ अफ्रीका से जुड़े हैं तार
-मामले में गौतमबुद्धनगर पुलिस को मिली बड़ी सफलता

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा:गौतमबुद्धनगर के थाना साइबर क्राइम, थाना नॉलेज पार्क और मेरठ ज़ोन की साइबर कमांडों की टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने संयुक्‍त कार्रवाई करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनके द्वारा 80 करोड़ रुपए विदेश भेजने की तैयारी थी। आरोपितों के द्वारा अब तक 7 करोड़ रुपए भेजे जा चुके थे। यह कार्रवाई उस समय शुरू की गई जब इंटेलिजेंस इनपुट से संकेत मिला कि इस समूह का एक मॉड्यूल पिछले सप्ताह से सक्रिय हो गया।

ऐसे भेजते थे पैसा
जांच में सामने आया कि यह समूह कुछ को-ऑपरेटिव बैंको की सुरक्षा मानकों की वल्नरेबिलिटी का फायदा उठा कर साइबर फ्रॉड करने की योजना बना रहा था। उनकी योजना लक्षित बैंकों से लगभग 60–80 करोड़ की राशि को अवैध रूप से म्यूल खातों में ट्रांसफर करने और बाद में इस धनराशि को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से देश के बाहर भेजने की थी। टीम द्वारा इस सक्रिय मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया। इस मामले में विदेशी नागरिकता के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि इस मॉड्यूल ने 07–08 मार्च के सप्ताहांत के दौरान गुजरात स्थित एक को-ऑपरेटिव बैंक से धोखाधड़ी कर 7 करोड़ की राशि का फ्रॉड करते हुए ट्रांसफर कर ली थी। आरोपी जानबूझकर ऐसे ट्रांजेक्शन सप्ताह के अंतिम दिनों में करते थे जब बैंक बंद रहते हैं, ताकि बैंक या उसके ग्राहकों को धोखाधड़ी का पता चलने से पहले ही ट्रांसफर पूरा किया जा सके। जांच टीम ने तुरंत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और संबंधित बैंकों को सूचित किया ताकि आगे होने वाले किसी भी ट्रांसफर को रोका जा सके। सभी को समय रहते सचेत करने के कारण कई करोड़ रुपये की संभावित अतिरिक्त धोखाधड़ी को रोका जा सका। इस घटना के मद्देनज़र को-ऑपरेटिव बैंको के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की जा रही है, जिसमें उन्हें अपने साइबर सुरक्षा की रूपरेखा को मजबूत करने, सिस्टम वल्नरेबिलिटी की समीक्षा करने तथा निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकें। प्रारंभिक जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन हैं और इसकी गतिविधियों के तार नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े है। अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।