-यूपी के साथ ही महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार और जम्मू-कश्मीर में दर्ज है शिकायत
-खातों में मिला है 4 करोड़ रुपए का संदिग्ध ट्रांजेक्शन
द न्यूज गली, नोएडा: लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले दो शातिर को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ठगों के खाते में पुलिस को 10 लाख रुपए से अधिक की रकम मिली है। ठगी के पैसे जमा कराने के लिए आरोपितों के द्वारा अपना बैंक खाता भी ठगों को उपलब्ध कराया जाता था। आरोपितों की पहचान रिषभ तिवारी और कुंवर शुक्ला के रूप में हुई है। जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपितों के बैंक खाते में लगभग 4 करोड़ रुपए का संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ था।
नोएडा की साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर करोड़ों की चपत लगा रहा था। पुलिस ने अमेठी के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनके खातों से करीब 4 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिला है। साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर डरें नहीं और ऐसी स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें।
दर्ज हुई थी शिकायत
पीडित के द्वारा दी गई शिकायत के बाद पुलिस ने 13 मार्च को मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने बताया कि ठगों ने एक पीड़ित को TRAI अधिकारी बनकर डराया कि उनके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो भेजे जा रहे हैं और इसकी जांच CBI और मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर आरोपियों ने लाखों रुपये ऐंठ लिए। शैव्या गोयल, प्रभारी डीसीपी साइबर ने बताया कि पुलिस की जांच में सामने आया कि ये दोनों अभियुक्त ठगी करने वाले बड़े गैंग को अपने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे। अब तक इन खातों में कुल 4 करोड़ 17 लाख रुपये की धोखाधड़ी की राशि प्राप्त की गई है।
