-संगठन ने कहा भूजल दोहन से एकत्र पानी में डूबने से हुई थी युवराज की मौत
-संगठन ने प्रदर्शन कर मुख्‍यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: नोएडा के सेक्टर 150 में पानी में डूबने से युवा इंजीनियर युवराज की मौत का मामला प्रदेश स्‍तर पर सुर्खियों में है। मामले में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटाने की बड़ी कार्रवाई शासन स्‍तर से हो चुकी है। एसआईटी ने भी पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में करप्‍शन फ्री इंडिया संगठन ने बड़ा सवाल उठाया है। संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण का कहना है कि बिल्डर के द्वारा बेसमेंट की खुदाई करने के बाद यूं ही छोड़ दिया गया। जिसमें यहां की सोसाइटियों और कुछ बिल्डरों के द्वारा लगभग दो-तीन वर्षों से लगातार भूजल दोहन करने की वजह से यहां जल भराव की स्थिति हमेशा बनी। जिसमें डूबने से युवराज की मौत हुई। इस समस्या के समाधान एवं एसईटी की जांच का ध्यान आकर्षित करने हेतु करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासनिक अधिकारी को अनुराग सारस्वत को सौंपा।

सभी दोषियों पर हो कार्रवाई
प्रवीण भारतीय का कहना है कि घटना से प्रतीत होता है कि सिस्टम की लापरवाही, संसाधनों की कमी, जिम्मेदार एजेंसियों की सुस्ती के कारण युवराज की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह पानी बरसात या बाढ़ का नहीं है। नोएडा के सेक्टर 150,151,149 ,153,163 में कुछ बिल्डरों के द्वारा बिल्डिंग निर्माण कार्य किया जा रहा है। जो की जमीनी जलस्तर को कम करने हेतु सैकड़ों बोर के माध्यम से भूजल दोहन पिछले दो-तीन वर्ष से लगातार कर रहे हैं। संगठन के संस्थापक सदस्य आलोक नागर ने कहा कि इस दिशा में भी SIT की टीम के द्वारा जांच होनी चाहिए और इन बिल्डरों पर भी युवराज मेहता की मौत का मुकदमा चलना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों एवं राष्ट्र की संपत्ति को नष्ट करने पर भी इनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। इस अवसर पर बलराज हूंण, जिलाध्यक्ष प्रेम प्रधान, रिंकू बैसला, ज्ञानवीर पहलवान, तेजवीर चौहान, धर्मेंद्र भाटी, मोहित कपासिया, भीष्म कुमार, पवन सिंह, अजीत नागर, रिंकू भाटी, कृष्ण कुमार आदि लोग मौजूद थे।