-समिति ने कहा किसी विशेष दुकान से किताब व ड्रेस लेने के लिए नहीं कर सकेंगे बाध्‍य
-स्‍कूलों को पांच वर्ष बाद ही ड्रेस बदलने का आदेश

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: डीएम मेधा रूपम की अध्‍यक्षता में शुल्‍क नियामक सम‍िति की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। सबसे अहम निर्णय लिया गया कि शैक्षिक सत्र-2026-2027 में स्‍कूल प्रबंधन मात्र 7.23 प्रतिशत तक फीस ही बढ़ा सकते हैं। साथ ही निर्णय लिया गया कि स्‍कूलों के द्वारा 5 वर्ष बाद ही स्‍कूल ड्रेस में परिवर्तन किया जाएगा। यदि कोई स्‍कूल आदेशों का पालन नहीं करता है तो अभिभावक मामले की शिकायत जिला शुल्क नियामक समिति की ई-मेल आईडी-feecommitteegbn@gmail.com पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, मुख्य कोषाधिकारी शिखा गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रदीप गोयल, दिल्ली पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोएडा के प्रधानाचार्य सीमा राय तथा एमिटी इंटरनेशनल स्कूल अभिभावक प्रशांत सिंह उपस्थित थे।

लिए गए निर्णय
समित‍ि की बैठक में निर्णय लिया गया कि विद्यालय में एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पुस्तकों से पठन-पाठन को प्राथमिकता दी जाए। विद्यालय द्वारा की जा रही फीस वृद्वि विद्यालय की बैबसाइट पर विगत वर्ष की भांति अपलोड किया जाए। किसी भी विद्यालय में नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना स्वीमिंग पूल का संचालन नहीं किया जाए। विद्यालय द्वारा पांच निरन्तर शैक्षणिक वर्षों के भीतर विद्यालय पोशाक में परिवर्तन नहीं किया जाए, यदि परिवर्तन अपेक्षित हो तो जनपदीय शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्ताव एवं उस पर अनुमोदन के बिना कदापि परिवर्तन अनुमन्य नहीं है। विद्यालयों को निर्देशित किया जाता है कि प्रत्येक वर्ष पुस्तकें न बदली जाएं। किसी छात्र या संरक्षकों या अभिभावकों अध्यापक एसोसिएशन से शिकायत प्राप्त होने जिला शुल्क नियामक समिति सम्यक रूप जांच करने के पश्चात कार्रवाई करेगी।