-डॉ. नीमा अग्रवाल ने व्यक्त किए विचार
-कार्यक्रम में शिक्षा जगत के लोगों ने लिया हिस्सा
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एनआईईटी), ग्रेटर नोएडा ने भारतीय शिक्षा में एआई पर क्यूएस आई-गेज राष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता की। कार्यक्रम में एनआईईटी की प्रबंध निदेशिका ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने विचार रखे। सम्मेलन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से द लीला, गांधीनगर, गुजरात में आयोजित किया गया। सम्मेलन में शिक्षा जगत के वरिष्ठ नेतृत्व, शिक्षा विशेषज्ञों एवं प्रमुख हितधारकों ने उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार-विमर्श किया। डॉ. नीमा अग्रवाल ने अगली पीढ़ी के स्नातक का निर्माण, एआई-आधारित भविष्य के लिए विश्वविद्यालय नेतृत्व, विषय पर आयोजित प्रेसिडेंशियल राउंडटेबल में सहभागिता की। परिचर्चा में इस बात पर चर्चा की गई कि तेजी से एआई-आधारित हो रही दुनिया के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने हेतु विश्वविद्यालय नेतृत्व को शिक्षण, कौशल, संस्थागत प्रक्रियाओं एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों को किस प्रकार नए दृष्टिकोण के साथ विकसित करना होगा।

शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण मंच
सुलभता, समानता और उत्कृष्टता के लिए जिम्मेदार एआई को बढ़ावा देना, विषय पर केंद्रित सम्मेलन ने शिक्षा के क्षेत्र में एआई के जिम्मेदार एवं समावेशी उपयोग को लेकर सार्थक संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि संस्थान एआई की क्षमता का प्रभावी उपयोग करते हुए सुलभता, समानता, शैक्षणिक उत्कृष्टता और नैतिक मूल्यों को शिक्षा में होने वाले तकनीकी परिवर्तन के केंद्र में बनाए रखें। डॉ. अग्रवाल की सहभागिता शिक्षा के क्षेत्र में उभरते वैश्विक एवं राष्ट्रीय रुझानों पर देश-विदेश के शिक्षा नेतृत्व के साथ सार्थक संवाद स्थापित करने के प्रति एनआईईटी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रेसिडेंशियल राउंडटेबल में उनकी भागीदारी जिम्मेदार एआई, भविष्य के लिए तैयार शिक्षा, नवाचार तथा ऐसे स्नातकों के विकास पर एनआईईटी के विशेष ध्यान को भी रेखांकित करती है। जो बदलते कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम हों। अपनी शैक्षणिक पहलों तथा प्रमुख शिक्षा मंचों पर सक्रिय सहभागिता के माध्यम से एनआईईटी ऐसे शिक्षा तंत्र के विकास में निरंतर योगदान दे रहा है, जो तकनीकी प्रगति को मानव-केंद्रित शिक्षण, रोजगार क्षमता एवं जिम्मेदार नवाचार के साथ जोड़ता है।



