द न्यूज़ गली, ग्रेटर नोएडा: भाषाई नवाचारों, सहज-सरल प्रयोगों और व्याकरण आधारित अवधारणा गीतों के लिए प्रसिद्ध दिल्ली पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं एनसीईआरटी की ‘सारंगी’ पाठ्यपुस्तक समिति के सदस्य डॉ. विनोद सिंह चौहान ‘प्रसून’ को महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक निर्माण एवं पाठ्यक्रम संशोधन मंडल, ‘बालभारती’, पुणे ने हीरक जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं पाठ्यपुस्तक लेखन संबंधी अभिमुखीकरण कार्यक्रम-2026 में भाषा विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया। 21-22 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा, भाषा एवं पाठ्यपुस्तक निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों तथा विभिन्न भारतीय भाषाओं के विद्वानों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में प्रो. दिनेश कुमार सकलानी, निदेशक-एनसीईआरटी, डॉ. (वाचस्पति) मिलिंद नाइक, प्राचार्य-ज्ञान प्रबोधिनी प्रशाला, पुणे तथा प्रो. गजानन लोंढे, प्रमुख-कार्यक्रम कार्यालय-एनएसटीसी ने उपस्थित भाषाविदों को संबोधित किया।

जीवन-निर्माण का दायित्व
समापन सत्र में ‘युग के अनुकूल नवाचारी पुस्तक निर्माण’ विषय पर अपने विचार रखते हुए डॉ. ‘प्रसून’ ने कहा कि “पाठ्यपुस्तक निर्माण मात्र लेखन नहीं, चरित्र एवं जीवन-निर्माण का दायित्व भी है। उन्होंने विद्यार्थी-केंद्रित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण, भारतीय ज्ञान-परंपरा और समयानुकूल पाठ्यसामग्री पर बल देते हुए चिंतन, जिज्ञासा, खोज, अनुप्रयोग और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने वाली पाठ्यपुस्तकों की आवश्यकता बताई। उन्होंने पाठ्यपुस्तक निर्माण हेतु अपनी ‘सप्त अ’ अवधारणा—अध्येता-भाव, अनुसंधित्सुता, अद्यतनता, अनुकूलता, अवसर, अभिव्यक्ति और अंतःकरण प्रस्तुत की, जिसकी उपस्थित विद्वानों ने सराहना की। समापन समारोह में ‘बालभारती’ की निदेशक डॉ. अनुराधा ओक ने डॉ. विनोद ‘प्रसून’ को उनके शैक्षिक एवं भाषाई योगदान के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम में विशेषाधिकारी-हिंदी भाषा एवं समन्वयक पाठ्यपुस्तक निर्माण समिति डॉ. अलका पोतदार, हिंदी विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र पाण्डेय सहित विभिन्न भाषाओं के विद्वान एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।


