-दादरी में हुई बैठक में बनी रणनीति
-पांच सदस्यीय कमेटी करेगी स्वर्ण समाज के प्रबुद्ध लोगों से व्यक्तिगत संपर्क

द न्यूज़ गली, ग्रेटर नोएडा: आरक्षण और यूजीसी के विरोध में बड़े आंदोलन की जमीन तैयार करने के लिए विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद ने दादरी से बिगुल फूंक दिया है। शनिवार को दादरी में आयोजित परिषद की आवश्यक बैठक में आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि 2 सितंबर को शाम 4:30 बजे परशुराम भवन, ब्रह्मपुरी, दादरी में स्वर्ण समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें स्वर्ण समाज के सभी प्रबुद्ध लोगों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। बैठक में विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी पंडित पीताम्बर शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के प्रस्तावित जिलाध्यक्ष पंडित रामदत्त शर्मा ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी पंडित पीताम्बर शर्मा के मार्गदर्शन में सभी के विचारों को समाहित करते हुए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें स्वर्ण समाज में आने वाली अन्य जातियों के प्रबुद्ध लोगों को भी 2 सितंबर की बैठक से जोड़ने का फैसला प्रमुख रहा। पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी स्वर्ण समाज के प्रबुद्ध लोगों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उन्हें 2 सितंबर को परशुराम भवन में होने वाली बैठक के लिए आमंत्रित करेगी।

जा चुका है समाज
बैठक को संबोधित करते हुए पंडित पीताम्बर शर्मा ने कहा कि अब स्वर्ण समाज अपने अधिकारों को लेकर जाग चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण के नाम पर स्वर्ण समाज के अधिकारों की हो रही खुली लूट को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित प्रावधानों को भी स्वर्ण समाज के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि सरकार “यूजीसी जैसा काला कानून बनाकर स्वर्ण समाज का और अधिक शोषण करने की योजना बना रही है, जिसे सहन कर पाना नामुमकिन है।”उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में दादरी की क्रांतिकारी धरती से एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी गूंज दिल्ली से लखनऊ तक सुनाई देगी। आंदोलन की रूपरेखा और उसके ऐलान को लेकर अंतिम निर्णय 2 सितंबर को स्वर्ण समाज की बैठक में विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा। बैठक में मास्टर परमानंद शर्मा, मास्टर रामकुमार शर्मा, उमेश शर्मा, हरिओम शर्मा, अरविंद शर्मा, रामवीर शर्मा, शिवकुमार शर्मा, ज्ञानचंद शर्मा, लोकेश शर्मा, दिनेश शर्मा, ध्रुव शर्मा, लक्ष्मण शर्मा, एडवोकेट दिनेश चंद शर्मा, अभय मिश्रा, महेश चंद शर्मा, राजकुमार शर्मा, चुन्नू पंडित और एन.के. शर्मा सहित अन्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।