-सरकार के ऊपर नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ
-सड़क दुर्घटना में घायलों को हेलीकाप्टर से पहुंचाएंगे अस्पताल
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों में घायल व्यक्ति को हेलीकॉप्टर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने के लिए संजीवनी बूटी मिशन की शुरुआत होगी। जिसकी रूपरेखा हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेंद्र कुमार व उनकी टीम ने तैयार की है। पूरे मिशन के लिए हेलीकॉप्टर की उपलब्धता EMSOS pvt Ltd के माध्यम से होगी। जो एक्सप्रेसवे पर गुजरने वाले प्रति वाहन टोल के माध्यम से सिर्फ एक रुपए से प्राप्त होगा। इसके अलावा कोई भी अतिरिक्त शुल्क किसी भी वाहन को नहीं देना होगा। साथ ही सरकार के ऊपर भी कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। हेलीपैड एवं DGCA संबंधित ग्राउंड के सभी कार्य भारतीय सेना में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके कर्नल मोहित गौण देंगे। राघवेंद्र की टीम ने घायलों की जिंदगी बचाने के लिए यमुना प्राधिकरण में शैलेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।

प्रस्तुत की कार्ययोजना
एविएशन इंडस्ट्री में लगभग 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. नवनीत ने भारत सहित दुनिया के कई देशों में कठिन परिस्थितियों में 5,000 से अधिक लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में योगदान दिया है। संजीवनी बूटी मिशन का उद्देश्य उन दुर्घटना पीड़ितों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है, जहां सड़क मार्ग से अस्पताल पहुंचने में महत्वपूर्ण समय लग जाता है। डीपीआर में चिन्हित दुर्घटना स्थानों पर घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना आज भी भारत में एक बड़ी चुनौती है। राघवेंद्र कुमार की टीम इस चुनौती का समाधान लेकर प्राधिकरण के सामने पहुंची थी. टीम ने हेलीकॉप्टर की उपलब्धता, ऑपरेशनल व्यवस्था, जमीन पर आवश्यक तैयारी और रेस्क्यू सिस्टम से जुड़ी पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत की। टीम ने बताया कि सरकार के खजाने से 1 भी रुपया नहीं चाहिए। सिर्फ अनुमति चाहिए कि जब यमुना एक्सप्रेसवे पर किसी इंसान की जिंदगी खतरे में हो, तो उसे बचाने के लिए हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर उतारा जा सके। लक्ष्य सिर्फ एक है हादसा होने के बाद समय बर्बाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर सेकंड किसी की जिंदगी बचा सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में पवन द्विवेदी, सिद्धि विनायक, श्रेया सिंह, ओमप्रकाश, नन्द किशोर सहित अन्य लोग मौजूद थे।
