-ग्रेटर नोएडा में बनेगा श्रमिक आवास व हॉस्टल
-पतवाड़ी और बिरौंडी गांव में बनेगा ईडब्ल्यूएस फ्लैट

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक में शहर के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए। बैठक में श्रमिक आवास, लेबर हॉस्टल और सार्वजनिक पुस्तकालय बनाने को मंजूरी दी गई। शहर में रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिकों के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पतवाड़ी और बिरौंडी गांव में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाएगा। इसकी जमीन चिंहित हो गई है। निर्माण का कार्य इस वर्ष के अंत तक शुरू होने की उम्‍मीद है। बोर्ड बैठक में चेयरमैन दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार (वर्चुअल), ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह, एसीईओ सुमित यादव, यीडा के ओएसडी शैलेंद्र सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण के जीएम वित्त स्वतंत्र गुप्ता, जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण की ओएसडी गुंजा सिंह, ओएसडी अभिषेक पाठक, ओएसडी गिरीश झा, ओएसडी मुकेश कुमार सिंह, ओएसडी अजय शर्मा आदि अधिकारीगण मौजूद थे।

ट्रांजिट लेबर हॉस्टल
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ट्रांजिट हॉस्टल योजना के लिए के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से सेक्टर ईकोटेक-06 व ईकोटेक-11 में 3000-3000 वर्ग मीटर भूमि चिंहित कर ली गई है। प्राधिकरण यह भूखंड श्रम विभाग को निशुल्क ट्रांसफर कर देगा। श्रम विभाग इसका निर्माण करेगा। इस हॉस्टल में अप्रवासी मजदूर बहुत कम किराया देकर रोजगार तलाश सकेंगे और रोजगार मिलने के बाद वे अपने लिए स्थाई आवास तलाश सकेंगे। प्राधिकरण बोर्ड के इस फैसले से हजारों अप्रवासी श्रमिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

अल्‍फा एक सेक्‍टर में पब्लिक लाइब्रेरी
अल्‍फा एक सेक्‍टर में लाइब्रेरी 1360 वर्ग मीटर में होगी, जिसमें से 440 वर्ग मीटर में तीन मंजिला लाइब्रेरी बनेगी और बाकी एरिया में पार्किंग, शौचालय व अन्य सुविधाएं होंगी। इस लाइब्रेरी में छोटे बच्चों, छात्रों, युवाओं और सीनियर सिटीजन, सभी के लिए किताबें उपलब्ध होंगी। इससे उन छात्रों को अधिक लाभ मिलेगा, जो पैसे देकर किताबें नहीं खरीद सकते। वे यहां न्यूनतम शुल्क देकर किताबें ईशु करा सकेंगे और अपनी परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। इसका निर्माण कार्य भी इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगा।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे ग्रेनो, नोएडा व यीडा सिटी
ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (नेशनल हाइवे-24) से जोड़ने की दिशा में कवायद तेज हो गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव रखा गया। इस पर सहमति बन गई है। नोएडा व यीडा की सहमति लेकर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के लिए एनएचएआई को जिम्मा सौंपा था। एनएचएआई के सर्वेक्षण में दो वैकल्पिक मार्ग सामने आए। पहले विकल्प में एक मूर्ति से नाले तक डबल डेकर सड़क प्रस्तावित की गई, जबकि दूसरे में शाहबेरी से नाले के साथ लिंक रोड जोड़ने का प्रस्ताव है। इस सड़क को बनाने के लिए बनी समिति ने पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क बनाने का निर्णय लिया है, जिसकी लागत 756.01 करोड़ रुपये होगी। दूसरे चरण में शेष सड़क का निर्माण पूरा किया जाएगा। परियोजना की लागत यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्राधिकरण समान रूप से वहन करेंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इस फैसले से 130 मीटर चौड़ी सड़क से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी।

रिठौरी में बनेगा फुटओवर ब्रिज
ग्राम रिठौरी के निवासियों को रेलवे लाइन पार करने में आ रही समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पहल पर गांव में फुटओवर ब्रिज के निर्माण को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इस फुटओवर ब्रिज को बनाने के लिए वर्ष 2022 में सांसद डॉ. महेश शर्मा का पत्र प्राधिकरण को प्राप्त हुआ, जिस पर प्राधिकरण की तरफ से डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुरोध किया गया। इसके बाद दोनों महकमों की टीम ने संयुक्त निरीक्षण कर फुटओवर ब्रिज बनाने पर सहमति जताई। इसे बनाने का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को वहन करेगा। रेलवे लाइन के ऊपर निर्माण के लिए रेलवे से स्वीकृति व एनओसी भी लेनी होगी। फुटओवर ब्रिज में रैंप, सीढ़ियों और लिफ्ट का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्ताव पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है।

मकान बनाने के लिए अंतिम मौका
ग्रेटर नोएडा की आवासीय भूखंड योजनाओं के आवंटियों को भवन निर्माण पूरा कर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए एक अंतिम अवसर दिया गया है। ऐसे आवंटियों को 30 जून 2028 तक अतिरिक्त समय देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है, जिनके भूखंडों पर अभी निर्माण पूरा नहीं हुआ है या कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया गया है। यह समय विस्तार वर्तमान में प्रचलित विलंब शुल्क के साथ अप्रूव्ड किया गया है। इस अवधि के बाद आवंटन भी अगर किसी ने कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र नहीं ले लिया तो उसका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।

मैकेनिकल स्वीपिंग से सफाई
ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर धूल-मिट्टी के नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सीएक्यूएम व आईआईटी रुड़की के सुझाव पर ग्रेटर नोएडा सेंट्रल एवं ईस्ट क्षेत्र में सड़कों की पांच वर्ष के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग से कराने कराया जाएगा। इसके लिए मशीनरी प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा और मशीनों का संचालन एवं रखरखाव आदि की जिम्मेदारी कॉन्ट्रैक्टर पर होगी। आईआईटी रुड़की के एस्टीमेट पर प्राधिकरण ने दोनों जोन के लिए टेंडर निकाला। दोनों जोन में सड़कों की सफाई के लिए कॉन्ट्रैक्टर का चयन कर लिया गया है।