-औद्योगिक इकाईयों में रखा काफी सामान हुआ खराब
-इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन ने दर्ज कराया विरोध

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: पानी निकासी को लेकर ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति बहुत ही खराब है। थोड़ी बारिश के बाद ही औद्योगिक क्षेत्रों में पानी भर जाता है। यह परेशानी उद्यमी पिछले कई साल से झेल रहे हैं। उद्यमियों के द्वारा लगातार की जाने वाली मांग के बाद लगभग तीन वर्ष पूर्व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने आश्‍वासन दिया था कि करोड़ों रुपए की लागत से पानी निकासी की व्‍यवस्‍था की जा रही है, आश्‍वासन आज भी पूरा नहीं हो पाया। शुक्रवार को हल्‍की बारिश के बाद ही औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-3 की कई इकाईयों में पानी भर गया। वहां पर रखा लाखों रुपए का सामान व मशीनरी खराब हो गई। मामले में इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) ने विरोध दर्ज कराया है।

हवा-हवाई दावे
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय का कहना है कि हर वर्ष बारिश से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि ड्रेनेज सुधर रहा है, नालों की सफाई हो रही है, निर्माण कार्य चल रहे हैं और इस बार जलभराव नहीं होगा। लेकिन पहली ही बारिश इन सभी दावों की सच्चाई उजागर कर देती है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों में सड़क, जलनिकासी, स्ट्रीट लाइट और साफ़ ड्रेन जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं, तब करोड़ों रुपये थीम पार्क, सौंदर्यीकरण और अन्य गैर-प्राथमिकता वाली परियोजनाओं पर खर्च करने की क्या आवश्यकता है? विकास की शुरुआत बुनियादी सुविधाओं से होती है, न कि केवल दिखावटी परियोजनाओं से। उन्होंने कहा कि उद्यमी लीज़ रेंट, ट्रांसफर चार्ज और अन्य शुल्कों के माध्यम से प्राधिकरण के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। यह उद्यमियों और आम नागरिकों की मेहनत की कमाई है। इसलिए सबसे पहले उन्हें सुरक्षित सड़कें, प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था, नियमित नाला सफाई, बेहतर स्ट्रीट लाइट और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएँ मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी अनेक औद्योगिक क्षेत्रों में ड्रेनेज व्यवस्था अधूरी है। जहाँ नाले बने हैं, वहाँ वर्षों से समुचित सफाई नहीं हुई है। परिणामस्वरूप हर वर्ष उद्योगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और उत्पादन प्रभावित होता है।