द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के चलते दादरी थाने में वर्ष 2009 में दर्ज जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने अभियुक्त अमित कसाना को दोषी ठहराते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने विभिन्न धाराओं में कुल 16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।पुलिस के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल, दादरी थाना पुलिस और अभियोजन इकाई ने मामले में प्रभावी पैरवी की। इसके परिणामस्वरूप आज न्यायालय ने फैसला सुनाया।अदालत ने गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के रिस्तल निवासी और वर्तमान में दादरी क्षेत्र के रिठौरी में रह रहे अमित कसाना को भारतीय दंड संहिता की धारा 147 में दो साल का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 148 में तीन साल का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 के साथ धारा 149 में 7 साल का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 332 में तीन साल का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। धारा 353 में भी दो साल का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को तीन माह 20 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कमिश्नरेट पुलिस ने अभियान के तहत आगे भी प्रभावी पैरवी जारी रखने की बात कही है।

17 साल पहले पुलिस पर कर दी थी फायरिंग
दादरी थाना क्षेत्र के रिठौरी गांव में 17 साल पहले वर्ष 2009 में पुलिस टीम दबिश देने गई थी उस दौरान अमित कसाना ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे।