-कई बार नोटिस देने के बाद भी जमा नहीं कर रहे थे पैसा
-निदेशक को 15 दिन के लिए भेजा गया जेल
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: रेरा की बकाया वसूली में जिला प्रशासन के द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। कार्रवाई करते हुए अंसल हाईटेक टाउनशिप लिमिटेड के निदेशकबंटी को गिरफ्तार कर लियागया। अंसल हाईटेक टाउनशिप लिमिटेड पर लगभग 77 करोड़ रुपए बकाया था। बकाया पैसों की वसूली के लिए जिला प्रशासन के द्वारा उन्हें कई बार नोटिस भेजा गया था लेकिन उनके द्वारा पैसा जमा नहीं किया जा रहा था। जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि राजस्व वसूली के मामलों में किसी भी बकायेदार को अनावश्यक छूट नहीं दी जाएगी। सभी बकायेदारों को पर्याप्त अवसर प्रदान करने के उपरांत भी भुगतान न करने की स्थिति में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता एवं अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कुर्की, नीलामी एवं गिरफ्तारी सहित प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
नहीं जमा किया पैसा
अधिकारियों ने बताया कि तहसील दादरी में रेरा द्वारा निर्गत वसूली प्रमाण-पत्र के अंतर्गत मैसर्स अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड/उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड के विरुद्ध कुल रूपये 77,66,80,434/- (रुपये सतहत्तर करोड़ छियासठ लाख अस्सी हजार चार सौ चौतीस मात्र) एवं ब्याज की धनराशि भू-राजस्व के बकाये के रूप में वसूली हेतु लंबित है। बकाया धनराशि जमा कराने हेतु संबंधित बकायेदार फर्म को नियमानुसार मांग-पत्र जारी कर विधिवत तामील कराया गया था। किंतु निर्धारित अवधि में बकाया धनराशि जमा नहीं की गई। इसके फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 171 तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तारी का अधिपत्र (आरसी प्रपत्र-37) जारी किया गया। पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा संबंधित बकायेदार बंटी पुत्र प्रहलाद, निदेशक, मैसर्स अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड/उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड को गिरफ्तार कर उपजिलाधिकारी दादरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बकायेदार को सुनवाई तथा बकाया धनराशि के भुगतान अथवा पर्याप्त प्रतिभूति प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया, किंतु उनके द्वारा न तो बकाया धनराशि जमा कराई गई और न ही पर्याप्त प्रतिभूति उपलब्ध कराई गई। तदोपरान्त बाकीदार को अधिकतम 15 दिवस की अवधि के लिए निरुद्ध कर जिला कारागार गौतमबुद्धनगर भेज दिया गया।
