द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में बुधवार देर रात चलती स्लीपर बस में भीषण आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने बस के चालक और परिचालक को गिरफ्तार किया है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से प्रत्येक व्यक्ति को दो लाख रुपए के आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी। आग लगने के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हादसे के बाद पुलिस ने बस के चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
11:30 बजे के करीब लगी आग
पुलिस के अनुसार हादसा कल रात करीब 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर संख्या-33 के पास हुआ। बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार बताए गए हैं। आग लगने के दौरान कई यात्री सो रहे थे। आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ यात्रियों ने खिड़की और दरवाजे से बाहर निकलकर जान बचाई, जबकि कई बस के अंदर फंस गए।यात्रियों ने पहले ही दी थी जलने की गंध की सूचना हादसे के संबंध में जेवर थाने में दर्ज एफआईआर में यात्री सुनील कुमार निवासी राठ, हमीरपुर ने बताया कि वह 23 सितंबर की रात कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रेवल्स की बस संख्या BR32PA8647 से आगरा के लिए सवार हुआ था। यमुना एक्सप्रेसवे पर बस के चालक के केबिन की तरफ से जलने की गंध आने लगी थी। यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी थी।
एफआईआर में चालक की लापरवाही आई सामने
एफआईआर में आरोप है कि चालक ने जलने की गंध को गंभीरता से नहीं लिया और बस को तत्काल रोककर जांच नहीं की। शिकायतकर्ता के मुताबिक कुछ देर बाद चालक की सीट के पास से आग की लपटें निकलने लगीं। यात्रियों के शोर मचाने तक आग तेजी से फैल चुकी थी और बस के अंदर धुआं भर गया था।
नौ यात्रियों की मौत
आग की चपेट में आने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। हादसे में यात्रियों के बैग, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जलकर राख हो गए।
चालक-परिचालक पर लापरवाही के आरोप
एफआईआर में चालक और परिचालक पर यात्रियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस चालक और परिचालक की भूमिका समेत आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं
बस में आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण का पता तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस बस की फिटनेस, परमिट, सुरक्षा उपकरणों और अग्निशमन व्यवस्था समेत अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया और अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार तथा मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
