द न्यूज गली, नई दिल्ली : नोएडा में पेड़ों के आसपास कंक्रीट हटाने के कार्य में कथित अनियमितता और पेड़ों की अत्यधिक छंटाई के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। NGT की प्रधान पीठ ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पेड़ों की अत्यधिक छंटाई के आरोपों की जांच के लिए DFO नोएडा को स्थल निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है।

मामले की सुनवाई छह अगस्त 2026 को NGT की प्रधान पीठ में अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने की। मामला मूल आवेदन संख्या 408/2026, देवेंद्र कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य से संबंधित है।

18 फरवरी को हुई थी शिकायत
सेक्टर-26 निवासी देवेंद्र कुमार ने 18 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि नोएडा में पेड़ों के आसपास कंक्रीट हटाने का अभियान प्रभावी तरीके से नहीं चलाया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक कई स्थानों पर यह कार्रवाई महज दिखावटी रही। पेड़ों के चारों ओर करीब एक मीटर तक कंक्रीट हटाने के बजाय कई जगह केवल 10 से 15 सेंटीमीटर हिस्सा हटाया गया, जबकि कुछ स्थानों पर कंक्रीट हटाने का काम किया ही नहीं गया।

शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में फोटोग्राफ और जियो-कोऑर्डिनेट्स भी NGT के समक्ष प्रस्तुत किए। इसके अलावा सेक्टर-26 में पेड़ों की अत्यधिक छंटाई का मुद्दा भी उठाया गया।

स्थल स्तर पर सत्यापन जरूरी
NGT ने कहा कि आवेदक की ओर से उठाए गए मुद्दों का स्थल स्तर पर सत्यापन आवश्यक है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उचित सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

कंक्रीट हटाने के मामले में NGT ने नोएडा प्राधिकरण के CEO को मामले पर विधिवत विचार कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से दो माह के भीतर पूरी करनी होगी।

वहीं, पेड़ों की अत्यधिक छंटाई के आरोपों पर ट्री ऑफिसर एवं DFO, नोएडा को स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को उचित सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई करनी होगी। इसके लिए भी दो माह की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

दो माह बाद NGT में देनी होगी ATR
नोएडा प्राधिकरण और DFO, नोएडा की ओर से अधिवक्ता गार्गी चतुर्वेदी NGT के समक्ष उपस्थित हुईं और आदेश के अनुपालन का आश्वासन दिया। अधिकरण ने CEO, नोएडा प्राधिकरण और DFO, नोएडा को दो माह की अवधि पूरी होने के तुरंत बाद अपनी Action Taken Report (ATR) NGT के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।