-जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम लगातार कर रही निरीक्षण
-मानकों के घोर उल्‍लंघन का मामला आ रहा सामने

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: लखनऊ की कोचिंग में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। गठित टीम के द्वारा लगातार कोंचिंग संस्‍थानों व होटलों में जांच की जा रही है। टीमों के द्वारा दो दिनों में 66 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। मानकों का उल्‍लंघन मिलने पर 09 को सील कर दिया गया एवं 12 को नोटिस जारी की गई है। जेवर में एक होटल को भी सील किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि टीमों के द्वारा जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह व उनकी टीम द्वारा जेवर स्थित बालाजी गेस्ट हाउस, एस आर प्लाजा खुर्जा रोड जेवर, दी ग्रैंड होटल खुर्जा रोड जेवर तथा जेपी वेलवेट होटल खुर्जा रोड जेवर का स्थलीय निरीक्षण किया गया। लाजी गेस्ट हाउस में कमियां पाए जाने पर मौके पर ही सील किया गया तथा शेष 03 को नोटिस जारी किए गए।

यहां पर हुई कार्रवाई
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों में मानकों के अनुपालन की जांच हेतु विशेष अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कुल 46 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न होने एवं निर्धारित मानकों का अनुपालन नहीं पाए जाने पर 05 कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। वहीं नोएडा सेक्टर-16 एवं सेक्टर-18 क्षेत्र में 12 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 02 संस्थानों को सील किया गया। नोएडा सेक्टर-22 क्षेत्र में 04 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 02 संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्देशित किया गया कि आवश्यक अभिलेख एवं निर्धारित मानकों की पूर्ति होने तक किसी भी प्रकार की कोचिंग गतिविधि संचालित न की जाए। नोएडा सेक्टर-58 एवं सेक्टर-62 क्षेत्र में भी 06 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
जिला प्रशासन द्वारा सभी संस्थानों के संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वह अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, भवन सुरक्षा, मानव सुरक्षा, आवश्यक अनुमतियों, पंजीकरण एवं अन्य निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अभिलेखों की कमी अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कठोर प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी।