-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143 बोर्ड बैठक में हुए कई अहम निर्णय
-बोर्ड बैठक में पास हुआ 6048 करोड़ रुपये का बजट

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143 वीं बोर्ड बैठक में जनता के हित में कई अहम निर्णय लिए गए। सबसे अहम निर्णय इस वर्ष जल शुल्‍क न बढ़ाए जाने का लिया गया। जिसकी मांग लाखों लोगों के द्वारा की जा रही थी। गंगा एक्सप्रेसवे और नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए दो प्रमुख मार्गों को बनाने का एलान किया गया। साथ ही फ्लैट खरीदारों, आवंटियों को राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए गए। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देते हुए ईवी बसों का संचालन शुरू करने का निर्णय लिया गया। बहुमंजिला इमारतों में आगजनी से निपटने के लिए 100 करोड़ रुपये के हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की खरीद स्‍वीकृति दी गई। आवंटन दरों में मामूली वृद्धि की गई। नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार (वर्चुअल) और सीईओ एनजी रवि कुमार की मौजूदगी हुई बैठक में वित्तीय वर्ष में 2026-27 में 6048 करोड़ रुपये की आमदनी और इतनी ही धनराशि के व्यय का अनुमान लगाया गया है। इस वित्त वर्ष में भी सर्वाधिक जोर जमीन अधिग्रहण, ग्रामीण विकास एवं निर्माण कार्यों पर है, जिस पर करीब 5294 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है। गांव के विकास के मद में बजट निर्धारित किया गया है। इस वित्त वर्ष में आमदनी और खर्च की धनराशि भी बराबर रहने का आकलन है।

1150 करोड़ से जमीन अधिग्रहण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा के प्रति औद्योगिक निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। तमाम निवेशक उद्योग लगाने के लिए जमीन मांग रहे हैं। उनको जमीन उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण लगातार प्रयासरत है। 2026-27 के बजट में जमीन अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार जमीन अधिग्रहण पर करीब 1150 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही निर्माण व विकास कार्यों पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। इसके लिए लगभग 2176 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। फुटओवर ब्रिज का निर्माण, एसटीपी, विद्युत सबस्टेशन, नए कॉलेजों का निर्माण, वेंडर मार्केट, क्योस्क का निर्माण,  एसटीपी, कासना-सूरजपुर का पुनर्विकास, बस शेल्टर, गंगाजल का अवशेष कार्य आदि इन कार्यों में शामिल हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पूंजीगत भुगतान पर 778 करोड़ रुपये खर्च करने का आकलन है। यह रकम सेक्टरों में मल्टीपरपज हॉल व सामुदायिक केंद्र का निर्माण, नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो रेल,जेवर एयरपोर्ट में अंशदान आदि पर खर्च करने का लक्ष्य है। 2026-27 वित्त वर्ष के लिए ग्रीनरी पर 108 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है।

ओटीएस मंजूर
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने पानी के बकाएदारों को कुल बकाया धनराशि एकमुश्त जमा करने का एक अवसर दिया है। बोर्ड ने तीन माह के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने पर मुहर लगा दी है। पानी के बकाएदार 30 जून तक कुल बकाया धनराशि के ब्याज पर 40 फीसदी, 31 जुलाई तक 30 फीसदी और 31 अगस्त तक 20 फीसदी छूट प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद ओटीएस योजना स्वतः समाप्त हो जाएगी। गौरतलब है कि सभी श्रेणी के आवंटियों पर करीब 290 करोड़ रुपये पानी का बिल बकाया है, जिनमें बिल्डर सोसाइटियों पर लगभग 146 करोड़, आवासीय आवंटियों पर 65 करोड़, संस्थागत पर 50 करोड़, उद्योगों पर 14.61 करोड़, आवासीय समितियों पर 10 करोड़, शेष आईटी व कॉमर्शियल आवंटियों पर बकाया है। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने इस वर्ष पानी के शुल्क में 10 फीसदी वृद्धि न करने का फैसला लिया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रेटर नोएडा के 105 मीटर रोड को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 15 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी और दूसरी परियोजना, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब से डब्ल्यूडीएफसी (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) के पैरलल 6 लेन एलिवेटेड रोड बनेगी। इन दोनों मार्गों को मास्टर प्लान 2041 में शामिल करने के लिए सीईओ एनजी रवि कुमार के प्रस्ताव पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है। ज्ञात हो कि 105 मीटर रोड सेक्टर अल्फा टू से हापुड़ बाईपास तक बननी है। इसकी कुल लंबाई 37 किलोमीटर है, जिसमें से अल्फा टू की तरफ से लगभग 6 किलोमीटर सड़क बनी हुई है। जहां पर 105 मीटर रोड समाप्त हो रही है ( हापुड़ बाईपास ), वहां से गंगा एक्सप्रेसवे की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। अगर 105 मीटर रोड को हापुड़ बाईपास से जोड़ दिया जाता है तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा के निवासी गंगा एक्सप्रेसवे तक 30 से 45 मिनट में पहुंच सकतेे हैं। इससे लोगों को बहुत सुविधा हो जाएगी।

लिए गए अन्‍य निर्णय
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ईडब्ल्यूएस से लेकर 135 वर्ग मीटर एरिया तक के बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों को बड़ी राहत दे दी है। नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक में बहुमंजिला फ्लैटों के आवंटियों के लिए बकाया प्रीमियम व लीज डीड के विलंब शुल्क के ब्याज पर राहत देने लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को मंजूरी दे दी गई है। यह ओटीएस कार्यालय आदेश जारी होने की तिथि से छह माह के लिए लागू होगी। बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए परिसंपत्तियों की नई आवंटन दरें तय कर दी हैं। इस बार सभी तरह की संपत्तियों के मौजूदा आवंटन दरों में 3.58 फीसदी की मामूली वृद्धि की गई है। कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स के आधार पर यह वृद्धि की गई है। सरकारी व अर्द्धसरकारी विभागों को प्रचलित आवासीय दरों पर ही भू-आवंटन किया जाएगा। परी चौक, नॉलेज पार्क, एक्सपो मार्ट और पी-3 गोलचक्कर और उसके आसपास के एरिया को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पहल की है। प्राधिकरण आईआईटी दिल्ली को हायर करने जा रहा है, ताकि परी चौक से एलजी चौक और नॉलेज पार्क एरिया तक ट्रैफिक के पूर्ण समाधान का प्लान तैयार किया जा सके। संस्था डिजाइन तैयार करेगी और कॉन्ट्रैक्टर का चयन करने के लिए आरएफपी तैयार करेगी। साथ ही निर्माण के दौरान आईआईटी दिल्ली ही प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग भी करेगी। पहली बार 102 मीटर के दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूर कर लिया है। दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की खरीद पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बोर्ड ने सिटी बस सेवा के रूप में 15 इलेक्ट्रिक बसें चार रूटों पर चलाने को मंजूरी दे दी है। इन बसों का संचालन यूपी रोडवेज करेगा। फिलहाल छह माह के लिए इसे शुरू किया जा रहा है। छह माह के लिए बसों के संचालन पर 1.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे ग्रेनो प्राधिकरण वहन करेगा। केपी-5 में 300 बेड का ईएसआई हॉस्पिटल बनाने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण की तरफ से कर्मचारी राज्य बीमा निगम को हॉस्पिटल बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में 29300 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई है। यह 350 बेड का हॉस्पिटल होगा। प्राधिकरण ने इस हॉस्पिटल के लिए जमीन उपलब्ध करा दिया है।