-पुलिस ने अस्पताल की संचालिका सहित तीन को किया गिरफ्तार
-जांच के बाद बच्ची को भेजा गया शेल्टर होम

द न्यूज़ गली, ग्रेटर नोएडा: बिसरख कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में 5 दिन की नवजात बच्ची का सौदा किया जा रहा था बच्ची को बेचने वाले 260000 रुपए की डिमांड कर रहे थे। बिसरख पुलिस को चाइल्ड हेल्पलाइन से  इनपुट मिला। पुलिस ने टीम का गठन कर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची को बेचने के मामले में पुलिस ने अस्पताल की संचालिका सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के बाद बच्ची को शेल्टर होम भेज दिया गया है। यह कार्यवाही  पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त टीम ने की  मामले में पुलिस ने यशिका गर्ग,  गजेन्द्र सिंह व रंजीत सिंह गिरफ्तार किया है।

अस्पताल में चल रहा था सौदा
सेंट्रल नोएडा डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने  ने बताया कि 21 मार्च को चाइल्ड हेल्पलाइन से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सूचना थी कि बिसरख थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में बच्ची को गैर-कानूनी तरीके से गोद दिलाने का गोरखधंधा चल रहा है। अस्पताल का ही एक कर्मचारी इस काम के लिए 2 लाख 60 हजार रुपये की मोटी रकम मांग रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए AHTU और बिसरख पुलिस ने तुरंत एक संयुक्त टीम का गठन किया। टीम ने शिकायतकर्ता से संपर्क साधा और जाल बिछाकर अस्पताल पर छापा मारा। पुलिस की इस मुस्तैदी से न केवल बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया, बल्कि इस काले कारोबार में शामिल तीन अहम चेहरों निजी अस्पताल की मालकिन यशिका गर्ग, ऑपरेशन थियेटर टैक्नीशियन रंजीत सिंह  और अस्पताल का सफाई कर्मी गजेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया। बरामद की गई बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया, जिसके आदेशानुसार उसे साईं कृपा शेल्टर होम भेज दिया गया।