द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा वेस्ट : फ्यूचर वर्ल्ड ग्रुप के चर्चित आवासीय प्रोजेक्ट फ्यूचर एस्टेट में रविवार को बकाया भुगतान को लेकर सैकड़ों मजदूरों और ठेकेदारों ने बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। मजदूरों और ठेकेदारों ने साइट का घेराव कर बकाया भुगतान का निस्तारण कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य रूप से ठेकेदार राज कुमार अत्रि के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कई मजदूर और लेबर कांट्रेक्टर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बिल्डर के खिलाफ बैनर लेकर नारेबाजी की और बकाया भुगतान की स्पष्ट समय-सीमा घोषित करने की मांग की।

करोड़ों रुपये बकाया होने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों और मजदूरों का आरोप है कि परियोजना में काम करने वाले कई ठेकेदारों और श्रमिकों का करोड़ों रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है। उनका कहना है कि कई बार भुगतान की मांग की गई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। डेढ़ माह पहले भी मजदूरों ने इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया था, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

मजदूरों का आरोप है कि बकाया भुगतान की मांग को लेकर साइट पर पहुंचने पर कई बार उनकी एंट्री रोक दी जाती है। साथ ही, उनके साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।

पूर्व सैनिक ठेकेदार ने लगाए आरोप
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ठेकेदार राज कुमार अत्रि, जो भारतीय सेना के पूर्व सैनिक हैं, ने बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप है कि बिल्डर की ओर से पूर्व सैनिकों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया जाता है और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर धमकाया जाता है। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।

वहीं, मौके पर मौजूद अन्य ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि बिल्डर के कर्मचारियों और बाउंसरों की ओर से प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कंपनी के मालिक दीपिन अरोड़ा और अंकित शर्मा मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनें और बकाया भुगतान को लेकर निश्चित समय-सीमा बताएं।

फ्लैट खरीदारों ने भी जताई नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान कुछ फ्लैट खरीदार भी अपनी शिकायतें लेकर सामने आए। खरीदारों का आरोप है कि उन्होंने बिल्डर को निर्धारित राशि का भुगतान कर दिया है, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं मिला है। उनका कहना है कि परियोजना में लगातार हो रही देरी और कथित तौर पर पारदर्शिता की कमी के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिल्डर की ओर से नहीं मिला आधिकारिक पक्ष
मौके पर मौजूद बिल्डर के प्रतिनिधियों और बाउंसरों ने मामले में बिल्डर का आधिकारिक पक्ष देने से इनकार कर दिया। ऐसे में प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर बिल्डर की प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी।