आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से नियमित हो रही थी निगरानी
-बच्चों के परिजन के चेहरे पर छाई खुशी
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्धनगर के लिए अच्छी खबर है। जिला प्रशासन के द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयास के बाद 18,364 बच्चों ने कुपोषण को पीछे छोड़ दिया है। कुपोषित से निकलकर यह बच्चे सामान्य श्रेणी में पहुंच चुके हैं। बच्चों के कुपोषण मुक्त होने के बाद उनके परिजनों के चेहरे पर भी खुशी है। कुपोषित बच्चों की निगरानी गौतमबुद्धनगर में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से नियमित की जा रही थी। चिन्हित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया और उनके अभिभावकों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।
एक वर्ष की मेहनत
बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाने में लगभग एक वर्ष की मेहनत रही। इसके पीछे नियमित निगरानी, पोषण संबंधी परामर्श, अभिभावकों की जागरूकता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की लगातार मेहनत शामिल रही। इस पूरी व्यवस्था की पहुंच को मजबूत बनाने में जिले के 1,108 आंगनवाड़ी केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की 5 परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित इन केंद्रों पर 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 81,159 बच्चों के पोषण स्तर की नियमित निगरानी की जा रही है। एक वर्ष में 18,364 बच्चों का सामान्य श्रेणी में आना यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव तब और मजबूत होता है, जब वे जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी और परिवारों की सहभागिता से जुड़ती हैं। प्रदेश सरकार की पोषण-केंद्रित पहल को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों ने गौतमबुद्धनगर में एक सकारात्मक परिणाम में बदला है।
