द न्यूज गली, नोएडा : नोएडा के भंगेल रोड पर लगने वाले नॉइज बैरियर मामले में नया मोड़ आ गया है। टेंडर को लेकर शिवम एंटरप्राइजेज के अनुभव प्रमाण-पत्र की प्रामाणिकता पर उठे सवालों के बीच कंपनी ने बताया कि एनएचएआई के सत्यापन में प्रमाण-पत्र सही पाया गया है। प्रमाण पत्र को कंपनी की तरफ से सार्वजनिक किया गया। कंपनी के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण की ओर से भेजे गए पत्र के जवाब में एनएचएआई ने अनुभव प्रमाण-पत्र को सही बताया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आरोप लगने के बाद उसने आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय अपने दस्तावेजों के सत्यापन का इंतजार किया। कंपनी का कहना है कि अब एनएचएआई की ओर से हुए सत्यापन से उसके पक्ष में स्थिति स्पष्ट हुई है।
चार बार निरस्त हुई टेंडर प्रक्रिया
शिवम एंटरप्राइजेज के मुताबिक, संबंधित नॉइज बैरियर टेंडर की प्रक्रिया पहले चार बार निरस्त हो चुकी थी। पांचवीं बार आयोजित प्रक्रिया में कंपनी ने निर्धारित तकनीकी और वैधानिक शर्तों के तहत हिस्सा लिया और टेंडर हासिल किया।कंपनी ने कहा कि अब प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद प्राथमिकता परियोजना का काम निर्धारित मानकों और समयसीमा के अनुसार पूरा करने की होनी चाहिए।
आरोपों का जवाब दस्तावेजों से देने का दावा
कंपनी ने कहा कि उसके खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद उसने किसी व्यक्ति या संस्था पर प्रत्यारोप लगाने के बजाय दस्तावेजों की जांच कराने पर जोर दिया। कंपनी के अनुसार, जिस अनुभव प्रमाण-पत्र पर सवाल उठाए गए थे, उसके एनएचएआई स्तर पर सत्यापन के बाद स्थिति सामने आ गई है।शिवम एंटरप्राइजेज का कहना है कि किसी संस्था की प्रतिष्ठा को केवल आरोपों के आधार पर प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। किसी दस्तावेज की प्रामाणिकता पर सवाल होने की स्थिति में आधिकारिक रिकॉर्ड और सत्यापन के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
किसी भी जांच के लिए तैयार
कंपनी ने कहा कि वह किसी भी सक्षम प्राधिकरण की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है। कंपनी के अनुसार, उसका भरोसा दस्तावेजों और आधिकारिक सत्यापन की प्रक्रिया में है।कंपनी ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर टिप्पणी करना नहीं है। अब उसका पूरा ध्यान नॉइज बैरियर परियोजना को निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के साथ पूरा करने पर है। कंपनी के मुताबिक, अनुभव प्रमाण-पत्र को लेकर उठे सवालों के बाद एनएचएआई के सत्यापन से स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हुई है और अब वह परियोजना के काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।
