-बैठक में विभिन्‍न विभागों के अधिकारियों ने की शिरकत
-जियो-टैगिंग की वर्तमान स्थिति से कराया गया अवगत

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण नियंत्रण, नदियों की स्वच्छता तथा अपशिष्ट के समुचित निस्तारण से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने समितियों के अंतर्गत संचालित कार्यों एवं वृक्षारोपण वर्ष 2026-27 के अंतर्गत विभागवार जियो-टैगिंग की प्रगति से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया। मुख्य विकास अधिकारी ने पौधों की जियो-टैगिंग शत्-प्रतिशत पूर्ण कराने तथा रोपित पौधों की जीवितता का नियमित सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों को वृक्षारोपण से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा। जनपद में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए संचालित मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों की कार्यप्रणाली एवं सड़कों की साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। संबंधित प्राधिकरणों एवं विभागों को कहा कि सड़कों पर एकत्रित धूल एवं अन्य सामग्री की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का प्रभावी संचालन किया जाए।

मानकों का करें पालन
बैठक में विद्युत विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों द्वारा विकास कार्यों के दौरान सड़कों की खुदाई के उपरांत मरम्मत की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि संबंधित एजेंसियां कार्य पूर्ण होने के तत्काल बाद खोदी गई सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को असुविधा न हो तथा धूलजनित प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। हॉर्टीकल्चर वेस्ट, कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (सी एंड डी) वेस्ट तथा म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट के समुचित निस्तारण की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित मानकों के अनुरूप वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों, सड़कों एवं अन्य स्थानों पर कूड़ा तथा निर्माण मलबा एकत्रित न होने देने और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नदियों में गिरने वाले अनुपचारित नालों के उपचार तथा जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नदियों एवं नालों में ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की स्थिति उपलब्ध कराने तथा नदी तटों की नियमित साफ-सफाई एवं संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने के निर्देश दिए।