द न्यूज गली, नोएडा : फर्जी एविएशन जॉब और एडमिशन रैकेट के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने वांछित आरोपी डॉक्टर अजय को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सेक्टर-22 स्थित लैम्बोडर इंस्टीट्यूट के नाम से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर अभ्यर्थियों से नौकरी और एडमिशन के नाम पर साइबर ठगी करता था। इस मामले में पुलिस पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार 21 अगस्त को अभिसूचना और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए डॉक्टर अजय पुत्र धर्मपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य प्रतिष्ठित एविएशन कंपनियों और प्रशिक्षण संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन इंटरव्यू, रजिस्ट्रेशन, एडमिशन, ट्रेनिंग, मेडिकल, यूनिफॉर्म, सिक्योरिटी डिपॉजिट और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग चरणों में रकम वसूलते थे।

फर्जी ऑफर लेटर और वेबसाइट से बनाते थे शिकार
आरोपी खुद को एविएशन संस्थानों और एयरलाइंस का प्रतिनिधि बताकर अभ्यर्थियों को फर्जी ऑफर लेटर, एडमिशन कन्फर्मेशन, प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज भेजते थे। इसके अलावा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार कर और विभिन्न संस्थानों के नाम व लोगो का दुरुपयोग कर भी लोगों को झांसे में लिया जाता था। पुलिस के मुताबिक ठगी से हासिल रकम अलग-अलग म्यूल बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसके बाद गिरोह के सदस्य रकम आपस में बांट लेते थे। इस मामले में थाना साइबर क्राइम में केस दर्ज है। पुलिस ने नौकरी के नाम पर रकम मांगने वालों से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी नौकरी या एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट अथवा ट्रेनिंग फीस जमा करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और संपर्क माध्यम से सत्यापन जरूर करें। संदिग्ध साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।