-डीएम ने कहा लाइसेंस निरस्‍त करने की भी होगी कार्रवाई
-शासन की गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित वेतन देने का निर्देश

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: विभिन्‍न मांगों को लेकर कर्मचारियों के द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन के बाद जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। डीएम मेधा रूपम ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि एजेंसी के एम्प्लोई या श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाएगा उसकी ज़िम्मेदारी एजेंसी की भी होगी। कार्रवाई करते हुए एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। एजेंसी का लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है। साथ ही एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया गया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार कर्मचारियों को निर्धारित वेतन देना सुनिश्चित करें।

अनुशासन बनाए रखें
डीएम मेधा रूपम ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी, संविदाकार उद्योग को चलाने तथा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभी आउटसोर्सिंग एजेंसी व संविदाकारों की जिम्मेदारी है कि वह अपने श्रमिकों को इस प्रकार से प्रशिक्षित करें कि अनुशासन एवं शांति बनाए रखें। डीएम ने कहा कि सभी संविदाकार शासन की गाइडलाइंस का शत् प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का उल्लेख करते हुए बताया कि अकुशल श्रमिक के लिए 13,690, अर्धकुशल श्रमिक के लिए 15,059 तथा कुशल श्रमिक के लिए 16,868 रुपए प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संविदाकार इन वेतन मानकों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित करें एवं श्रमिक के बैंक खातों में पूर्ण वेतन हस्तांतरित करें। डीएम ने कहा कि उद्योग, श्रमिक एवं नियोजक तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योगों का सुचारु संचालन रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखता है, वहीं नियोजकों की स्थिरता से श्रमिकों का भविष्य भी सुनिश्चित होता है। यदि औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव सभी पक्षों के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास पर पड़ता है। उन्होंने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और औद्योगिक शांति बनाए रखते हुए आपसी सहयोग एवं विश्वास के साथ कार्य करें।