द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर 15 जून से जारी धरना-प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने अस्पताल प्रशासन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के कारण अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही थीं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
स्थान परिवर्तन से किया इनकार
पुलिस ने बताया कि संस्थान, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से कई दौर की वार्ता कर कर्मचारियों से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया था। 24 जून को भी प्रदर्शनकारियों से अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार और हॉल से हटकर अन्य स्थान पर धरना जारी रखने का अनुरोध किया गया, लेकिन कुछ लोगों ने स्थान परिवर्तन से इनकार कर दिया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और बाहरी व्यक्तियों तथा विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों को भी धरना स्थल पर बुलाया गया। इन लोगों द्वारा हंगामा करने, अभद्र व्यवहार करने तथा अस्पताल के गेट को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किए जाने की बात कही गई है।
चिकित्सा सेवा नहीं होंगी बाधित
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल के भीतर चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए प्रदर्शनकारियों को परिसर में ही दूसरे स्थान पर जाने के लिए कहा गया। इस दौरान कुछ लोग जाने के लिए तैयार हो गए, जबकि कुछ लोगों द्वारा धक्का-मुक्की और खींचातानी की गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर अन्य स्थान पर पहुंचाया।
अस्पताल प्रशासन की ओर से आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने कर्मचारियों के साथ अभद्रता, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुईं और गंभीर मरीजों के उपचार में भी बाधा उत्पन्न हुई।
निदेशक की तहरीर के आधार पर राजकीय कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, चिकित्सा सेवाओं को प्रभावित करने तथा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए मारपीट और लाठीचार्ज के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और वर्तमान में स्थिति शांतिपूर्ण है। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारी नेताओं के हटने के बाद ओपीडी सहित अन्य चिकित्सा सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।
