द न्यूज गली, नोएडा : थाना फेस-3 पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लॉटरी का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और अन्य सामान बरामद किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एलन एंटनी, अंकित कुमार, राहुल, शकील, राजशेखर, गुरु प्रसाद, विनय डीपी, विनोद कुमार, संतोष और चेतन के रूप में हुई है। इनमें आठ आरोपी कर्नाटक और दो बिहार के निवासी हैं।

18 शिकायतें हुई थी दर्ज
एडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दो महीनों के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों, आईएमईआई और बैंक खातों के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इनमें करीब 18 शिकायतें कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में दर्ज थीं। जांच के दौरान पुलिस और साइबर सेल ने विभिन्न मामलों की कड़ियों को जोड़ते हुए सेक्टर-121 में संचालित इस गिरोह का खुलासा किया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी लॉटरी के विज्ञापन पोस्ट करते थे। विज्ञापन के माध्यम से संपर्क करने वाले लोगों को 50 रुपये में व्हाट्सएप पर एक कथित लॉटरी टिकट भेजा जाता था। इसके बाद उन्हें फोन कर 12 लाख रुपये की बंपर लॉटरी जीतने की जानकारी दी जाती थी।

पीड़ित पर बनाते थे दबाव
आरोपी इनाम की राशि दिलाने के नाम पर टीडीएस, जीएसटी, एनओसी, इनकम टैक्स क्लीयरेंस और आरबीआई अप्रूवल जैसी विभिन्न मदों में शुल्क जमा कराने का दबाव बनाते थे। लालच में आकर पीड़ित अलग-अलग किस्तों में आरोपियों के फर्जी बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर देते थे।

पुलिस के अनुसार गिरोह मुख्य रूप से दक्षिण भारत के लोगों को निशाना बनाता था। अधिकांश आरोपी कर्नाटक के होने के कारण वे पीड़ितों से स्थानीय भाषा में बातचीत कर आसानी से उनका विश्वास जीत लेते थे। भरोसा कायम करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और आयकर विभाग के नाम से फर्जी प्रमाणपत्र और दस्तावेज भी व्हाट्सएप पर भेजे जाते थे।

जांच में यह भी पता चला है कि ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिम कार्ड और बैंक खाते उन्हें एक अन्य व्यक्ति उपलब्ध कराता था। वारदात के बाद आरोपी मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदल देते थे ताकि पुलिस की नजर से बच सकें। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।