-मांगों के समर्थन में 15 जून से हड़ताल पर हैं कर्मचारी
-अस्‍पताल प्रबंधन को शासन के आदेश का इंतजार

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: अपनी मांगों के समर्थन में राजकीय युर्विज्ञान संस्थान के कर्मचारी 15 जून से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण अस्‍पताल में व्‍यवस्‍थाएं प्रभावित हो रही हैं। विभिन्‍न स्‍थानों से अस्‍पताल आने वाले मरीजों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्‍पताल प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों के संबंध में शासन को अवगत करा दिया गया है, वहां से आदेश आने के बाद ही कार्रवाई होगी। हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी न हो इसे देखते हुए अस्‍पताल प्रबंधन के द्वारा एजेंसियों से कर्मचारी लेने की तैयारी है। साथ ही जिला अस्‍पताल व चाइल्‍ड पीजीआई से भी कुछ कर्मचारी मांगे गए हैं।

6 बार हुई वार्ता
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान के निदेशक डाक्‍टर ब्रिग्रेडियर राकेश कुमार गुप्‍ता कहना है कि धरना प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए संस्थान प्रशासन, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों से लगभग 6 बार वार्ता की गई। धरने पर बैठे कर्मचारियों की मुख्‍य मांग यह है कि, संस्थान द्वार बिना किसी परीक्षा आयोजन के उनकी सेवाओं को नियमित कर दिया जाए जिसर्क पूर्ति अस्पताल प्रशासन के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। डीएम के द्वारा स्वंय धरना प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों से वार्ता की गई और उनकी सभी मांगों को सकरात्मक तरीके से निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया इसके उपरांत भी कर्मचारी अपने सेवाओं को नियमित करने की मांग पर अडिग हैं तथा वर्तमान में भी उनके द्वार धरना प्रदर्शन जारी है। इनकी मांग को संस्थान प्रशासन द्वारा सहानुभूतिपूर्वक विचार के लिए उत्तर प्रदेश शासन को भी प्रेषित किया जा चुका है। जिला प्रशासन द्वार प्रदर्शनकारियों को यह भी आश्वासन दिया गया है की उनकी सभी मांगों के निस्तारण हेतु जिलास्तर पर एक कमेटी गठित की जाएगी और कमेटी द्वारा जांच रिपोर्ट प्रेषित किए जाने तक संस्थान में नियमित भर्ती हेतु कराये गए परीक्षा के किसी भी परिणाम को घोषित नहीं किया जाएगा। लेकिन धरना प्रदर्शन पर बैठे कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया एवं अपनी सेवाओं को बिना किसी परीक्षा के नियमित करने की माँग पर ही अडिंग हैं।