द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : बिल्डर परियोजनाओं में फ्लैट और दुकान खरीदने वाले शिकायतकर्ताओं को उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने राहत दी है। रेरा के आदेश पर बिल्डरों के खिलाफ जारी रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) के जरिए वसूल की गई रकम बैंक में लंबित रहने के दौरान उस पर अर्जित ब्याज भी शिकायतकर्ताओं को लौटाया जा रहा है। अब तक 430 शिकायतकर्ताओं को करीब 73.84 लाख रुपये ब्याज के रूप में भुगतान किया जा चुका है।रेरा के आदेश के बाद बिल्डर के खिलाफ आरसी जारी की जाती है। इसके बाद राजस्व विभाग की ओर से रकम की वसूली कर बैंक में जमा कराई जाती है। बैंक से संबंधित शिकायतकर्ता को रकम का भुगतान किया जाता है। कई मामलों में वसूली गई रकम और शिकायतकर्ता को भुगतान के बीच कुछ समय का अंतर रहता है। इस अवधि में बैंक में जमा रकम पर ब्याज मिलता है।यूपी रेरा ने तय किया है कि बैंक में रकम लंबित रहने की अवधि में अर्जित ब्याज पर भी शिकायतकर्ता का अधिकार है। इसके तहत ब्याज की गणना कर संबंधित शिकायतकर्ताओं को भुगतान किया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं के वित्तीय हित की होगी रक्षा
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शिकायतकर्ताओं के वित्तीय हितों की रक्षा करने के साथ ही आरसी के माध्यम से होने वाली वसूली की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि आरसी की रकम का भुगतान समय से हो और बैंक में लंबित अवधि का ब्याज भी शिकायतकर्ताओं को मिल सके।
