-प्रदर्शन के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में सौंपा ज्ञापन
-पूर्व में जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं किसान

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: शेष 4 प्रतिशत आबादी भूखंड की मांग को लेकर 44 गांवों के किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक मौन जुलूस निकाला। जुलूस में बड़ी संख्‍या में किसान शामिल हुए, जिसमें महिलाएं भी थीं। किसानों ने प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों तथा प्राधिकरण के बोर्ड प्रस्तावों के अनुरूप किसानों को शेष 4 विकसित आबादी भूखंड शीघ्र आवंटित किए जाने की मांग की। किसानों ने यह भी बताया कि ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की 133वीं बोर्ड बैठक 26 दिसंबर 2023 में पात्र किसानों को 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाने संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसे शासन की स्वीकृति हेतु भेजा गया, किंतु आज तक अंतिम स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। मांगों के समर्थन में किसानों ने प्राधिकरण में ज्ञापन भी सौंपा।

लंबित है मामला
किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा 2011 में पारित आदेश तथा बाद में विभिन्न न्यायिक एवं प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर एवं 10 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड दिए जाने का प्रावधान किया गया था। प्राधिकरण द्वारा अधिकांश किसानों को केवल 6 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड आवंटित किए गए, जबकि शेष 4 प्रतिशत भूखंड का मामला लंबे समय से लंबित है। प्रदर्शनकारियों ने उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मांग की कि किसानों के साथ किए गए वादों एवं बोर्ड प्रस्तावों को शीघ्र लागू करते हुए शेष 4 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड आवंटित किए जाएं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के उपरांत किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के ओएसडी को ज्ञापन सौंपकर शेष 4 विकसित आबादी भूखंड के प्रकरण का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।