-उत्तर प्रदेश ने प्रस्तुत की विकास और निवेश की नई कहानी
-जापानी निवेशकों को दिया विशेष आमंत्रण
द न्यूज गली,ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नई दिल्ली स्थित ताज पैलेस में यूपी-जापान निवेश सम्मेलन-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जापान से आए 200 से अधिक सीईओ, प्रबंध निदेशक, कंट्री हेड्स एवं वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक, औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना व अन्य ने अपने विचार व्यक्त किए।

मजबूत नेटवर्क का विकास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क तथा मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का एक मजबूत नेटवर्क विकसित किया गया है। जिसने राज्य को निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बना दिया है। उन्होंने जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यमुना प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-5ए में लगभग 500 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली जापानी सिटी की घोषणा की। यह परियोजना जापानी उद्योगों, व्यवसायों और नागरिकों के लिए एक समर्पित औद्योगिक, व्यावसायिक एवं आवासीय पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर एवं उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में जापानी निवेश को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रही है। राज्य सरकार उद्योगों को विश्वस्तरीय अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन तथा त्वरित स्वीकृति प्रणाली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जापानी कंपनियों को इस परियोजना सहित पूरे उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम के दौरान यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में स्थापित होने वाली दो महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह (GBC) भी सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कदीपक कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC), उत्तर प्रदेश, आलोक कुमार, अध्यक्ष, यमुना प्राधिकरण, राकेश कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना प्राधिकरण, शैलेन्द्र कुमार भाटिया, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं नोडल अधिकारी, निवेश प्रकोष्ठ, यमुना प्राधिकरण सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित थे।
