द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : मिगसन ग्रीन मेंशन सोसाइटी में गुरुवार सुबह परिवार के साथ लिफ्ट में करीब 30 मिनट तक फंसे रहने का मामला सामने आया है। पीड़ित फ्लैट निवासी अंकुर अग्रवाल ने बिल्डर से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस से शिकायत कर नामजद प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लिफ्ट की आपातकालीन बचाव व्यवस्था ने समय पर काम नहीं किया। इस दौरान उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ने लगी और बच्चे डरकर रोने लगे।अंकुर अग्रवाल के मुताबिक, वह एक अक्टूबर की सुबह पत्नी और बच्चों के साथ कार्यालय जाने के लिए घर से निकले थे। टावर की लिफ्ट में सवार होने के बाद वह अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई। परिवार करीब 30 मिनट तक लिफ्ट के अंदर फंसा रहा। आरोप है कि इस दौरान आपातकालीन रेस्क्यू व्यवस्था से प्रभावी मदद नहीं मिल सकी।
पत्नी को घुटन, बच्चे घबराकर रोने लगे
शिकायतकर्ता का कहना है कि लिफ्ट में फंसे रहने के दौरान उनकी पत्नी को तेज घुटन महसूस हुई और उनकी हालत बेहोशी जैसी होने लगी। बच्चों के सामने स्थिति बिगड़ने से वे भी घबरा गए और रोने लगे। अंकुर ने इसे परिवार की सुरक्षा के लिए गंभीर स्थिति बताया है।
बिल्डर को फोन करने पर मदद न मिलने का आरोप
अंकुर के अनुसार, उन्होंने घटना के दौरान बिल्डर को फोन कर परिवार के लिफ्ट में फंसे होने की जानकारी दी और मदद मांगी। आरोप है कि फोन पर उन्हें यह कहते हुए जवाब दिया गया कि “इसमें मैं क्या कर सकता हूं?” शिकायतकर्ता ने पुलिस से कॉल लॉग और घटना के समय हुई बातचीत के संबंध में जांच की मांग की है।
पहले भी लिफ्ट में फंसने की शिकायतों का दावा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोसाइटी में इससे पहले भी कई निवासी लिफ्ट में फंस चुके हैं और इसकी जानकारी साइट मेंटेनेंस मैनेजर तथा बिल्डर के प्रतिनिधियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। शिकायतकर्ता ने पूर्व शिकायतों, उनके निस्तारण और लिफ्ट के रखरखाव से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की मांग की है।
सीसीटीवी और लिफ्ट के तकनीकी रिकॉर्ड सुरक्षित कराने की मांग
पुलिस से घटना के समय के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, लिफ्ट के कंट्रोलर के एरर और इवेंट लॉग, सुरक्षा ड्यूटी रजिस्टर, शिकायत रजिस्टर तथा इंटरकॉम रिकॉर्ड सुरक्षित कराने की मांग की गई है। इसके अलावा लिफ्ट के एएमसी, सर्विस और ब्रेकडाउन रिकॉर्ड, सुरक्षा निरीक्षण रिपोर्ट और आपातकालीन बचाव उपकरणों के परीक्षण रिकॉर्ड की जांच कराने को कहा गया है। शिकायतकर्ता ने लिफ्ट के ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस, बैकअप बिजली, अलार्म, इंटरकॉम, वेंटिलेशन और अन्य आपातकालीन व्यवस्थाओं की तकनीकी जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि सोसाइटी में करीब 450 परिवार रहते हैं, ऐसे में लिफ्ट की सुरक्षा का मामला केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है।
