द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : सेक्टर ओमीक्रॉन-3 स्थित स्टेलर एमआई सिटी होम्स सोसाइटी में प्रीपेड बिजली मीटर से कथित तौर पर अतिरिक्त रकम काटे जाने का विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी करीब 200 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। निवासियों का आरोप है कि टावरों की मरम्मत और पेंटिंग के नाम पर बिना सहमति मीटर से पैसे काटे जा रहे हैं। इससे कई घरों का बैलेंस माइनस में पहुंच गया और बिजली गुल हो गई।निवासियों के मुताबिक, सोमवार को भी करीब 200 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। आरोप है कि प्रीपेड मीटर से 184 रुपये काटे जाने के बाद कई घरों का बैलेंस माइनस में चला गया था। इससे नाराज लोगों ने एओए और मेंटेनेंस कार्यालय में हंगामा किया था। इसके बाद सोसाइटी के गेट पर धरना भी दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने निवासियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद का समाधान नहीं निकल सका।

खुद रिचार्ज करना पड़ा मीटर
आखिरकार लोगों को अपने मीटर रिचार्ज कराने पड़े, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई। मंगलवार को दोबारा बिजली बाधित होने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने के बाद अतिरिक्त रकम मांगने का आरोप
निवासियों का कहना है कि एओए ने एक अगस्त से मेंटेनेंस शुल्क 2.34 रुपये से बढ़ाकर 3.19 रुपये प्रति वर्ग फीट कर दिया है। इससे एओए को सालाना 70 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। इसके बावजूद टावरों की मरम्मत और पेंटिंग के नाम पर अलग से रकम मांगी जा रही है। सोसाइटी में कुल 660 फ्लैट हैं और प्रत्येक फ्लैट से 25 हजार रुपये से अधिक मांगे जाने का आरोप है। निवासियों के अनुसार, इस मामले में डिप्टी रजिस्ट्रार और एडीएम न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। इसके बावजूद प्रीपेड मीटर से रकम काटे जाने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

टेंडर की लागत बढ़ाने पर भी सवाल
निवासियों ने मरम्मत कार्य की टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि एजेंसी ने कम लागत बताई थी, लेकिन एओए ने इसे बढ़ाकर 1.60 करोड़ रुपये कर दिया। लोगों का कहना है कि 12 से 28 अक्टूबर तक इसी तरह मीटर से रकम काटे जाने की बात कही गई है। ऐसे में उन्हें रोजाना बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। निवासियों ने मामले में पारदर्शिता बरतने और बिना सहमति रकम काटने पर रोक लगाने की मांग की है।