-शराब के अवैध कारोबार में बताई जा रही है संलिप्तता
-सरकार को लगाया गया राजस्व का चूना
द न्यूज गली, गाजियाबाद: गाजियाबाद के आबकारी विभाग में लंबे समय से खेल चल रहा था। नाइट क्लबों में बिना लाइसेंस के शराब पसोसी जा रही थी। साथ ही दूसरों राज्यों की प्रतिबंधित शराब की बिक्री भी गाजियाबाद में धड़ल्ले से हो रही थी। मामले की शिकायत लोगों ने शासन में की थी। टीम ने जब जांच की तो शिकायत सही मिली। जिसके बाद आबकारी व मद्य निषेध मंत्री के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह, आबकारी इंसपेक्टर अखिलेश सिंह व आबकारी इंसपेक्टर चमन सिंह को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
सरकार को राजस्व का नुकसान
शराब से सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व मिलता है। तीनों अधिकारी गठजोड़ बनाकर गाजियाबाद में चोरी-छिपे दूसरे प्रदेश के शराब की अवैध बिक्री करा रहे थे। नियम के तहत नाइट क्लब में शराब पसोसने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। लेकिन इन तीनों अधिकारियों की शरपरस्ती में नाइट क्लब में बिना लाइसेस ही शराब पसोसी जा रही थी। इससे सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा था। आदेश के तहत निलंबन अवधि में संजय कुमार सिंह को आबकारी आयुक्त कार्यालय प्रयागराज से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही इस पूरे मामले की जांच उप आबकारी आयुक्त मेरठ को सौंपी गई है।
