-कहा डालर की मांग में वृद्धि से विदेशी मुद्रा भंडार पर बन रहा दबाव
-अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा की डालर के रुप में बचत करने की अपील

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: आयुक्त राज्य कर गौतमबुद्धनगर संदीप भागिया ने सर्राफा व्यापारियों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान अंतरराष्‍ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों, विदेशी मुद्रा भंडार पर अत्यधिक दबाव व स्वर्ण के आयात में समन्वय व संतुलन बनाए रखने पर चर्चा की गई। व्यापारियों को अपर आयुक्त राज्य कर ने बताया कि भारत संसार के प्रमुख स्वर्ण के आयातक देशों में आता है। प्रत्येक वर्ष वृहत मात्रा में विदेशी मुद्रा डालर के रुप में आयातित सोने पर खर्च की जाती है। आज का वैश्विक परिदृश्य अंतरराष्‍ट्रीय स्तर पर युद्ध छिड़ने के कारण काफी आर्थिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। जिसके कारण डालर की मांग में निरन्तर वृद्धि हो रही है, जोकि विदेशी मुद्रा भण्डार पर अत्याधिक दबाव बन रहा है। ऐसे परिदृश्य में हम भारत के समस्त नागरिकों का परम कत्तर्व्य है कि विदेशी स्वर्ण मुद्रा भंडार पर जो दबाव बन रहा है, उसे कैसे कम किया जाए। इसके लिये हमें एक जिम्मेदार नागरिक व सजग व्यापारी का कर्तव्य का निर्वाहन करना होगा।

सोना खरीदने से बनाएं दूरी
संदीप भागिया ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में आवश्यक है कि हमें स्वर्ण व रजत के ईट व बिस्किट के बेवजह खरीद, बिक्री व निवेश से अपने को दूर रखा जाए। स्वर्ण के आयात में कमी ला कर अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा की डालर के रुप में बचत की जा सके व देश की आर्थिक सबलता को ओर अधिक मजबूत किया जा सकता है। व्यापारियों ने कहा कि गौतमबुद्धनगर का सर्राफा व्यापार स्वर्ण एवं रजत आभूषणों की खरीद, बिक्री पर आधारित है। सर्राफा व्यापारियों द्वारा आश्वासन दिया गया कि अधिकांश व्यापार पुराने आभूषणों के बदले में नए आभूषणों की बिक्री की जाएगी,बुलियन की खरीद व बिक्री नहीं की जाएगी। साथ ही व्यापारियों ने कहा कि व्यापारी वर्ग सदैव शासन व प्रशासन के दिशा निर्देशों के अनुरुप कार्य करता रहा है। व्यापारियों ने यह भी कहा कि आर्थिक प्रभावों को देखते हुये व देशहित को सर्वोपरि मानते हुये शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी अपीलों का पालन करेगें तथा जनमानस को भी बुलियन में निवेश से बचने हेतु जागरुक करेगें।