-राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने कही बड़ी बात
-रिपोर्ट के तहत 94 प्रतिशत लड़के, लड़की पर करते हैं अत्याचार
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला का कहना है कि गौतमबुद्धनगर में दहेज के लिए कंपटीशन होता है। पड़ोस के घर में शादी में यदि फॉच्यूनर मिली है तो दूसरे लोग ऑडी की मांग करते हैं। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में सामने आया है कि लगभग 95 प्रतिशत मामलों में शादी के बाद लड़कों के द्वारा लड़की पर अत्याचार किया जाता है। अधिकतर मामलों में विवाद का प्रमुख कारण फोन पर देर तक बात करना होता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल का बिल 25 हजार रुपए महीना कर देना चाहिए। बिल अधिक देखकर लोग बात कम करेंगे और विवाद नहीं होगा। डॉ. मीनाक्षी भराला की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें आयोग के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान पुलिस विभाग से संबंधित कुल 19 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण एवं उत्पीड़न जैसे मामले शामिल थे। इनमें 08 महिलाएं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुईं, जिनकी शिकायतों पर सुनवाई करते हुए 08 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया।

त्वरित समाधान करें सुनिश्चित
जनसुनवाई के दौरान डॉ. मीनाक्षी भराला ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि शेष सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर अनुश्रवण करते हुए उनका समयबद्ध, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, सहानुभूति और मानवीय दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। कई बार महिलाएं सामाजिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पीड़ा खुलकर व्यक्त नहीं कर पाती हैं, ऐसे में अधिकारियों का दायित्व है कि वे उन्हें विश्वास में लेकर उनकी समस्याओं का निष्पक्ष एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस विभाग, महिला कल्याण विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालयों में आने वाली प्रत्येक महिला फरियादी के साथ सम्मानजनक एवं सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए। कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। आयोग इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है ताकि किसी भी महिला को उत्पीड़न या अन्याय का सामना न करना पड़े तथा प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीति, प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज कुमार पुष्कर, जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी आशीष कुमार सिंह, एडीसी जितेंद्र मौर्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
